Trump India Pakistan War Claim: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच 2025 में हुए सैन्य संघर्ष को रुकवाने का श्रेय खुद को दिया। मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को UN महासभा के 81वें सत्र में भाषण के दौरान ट्रंप ने कहा कि उनके प्रशासन ने कई युद्धों को खत्म कराने में भूमिका निभाई है। उन्होंने भारत-पाकिस्तान संघर्ष को भी इसी सूची में शामिल किया।
ट्रंप ने अपने भाषण में कहा कि राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने 8 युद्ध रुकवाए हैं। उन्होंने कहा कि इन संघर्षों को रोकने के दौरान उन्होंने संबंधित देशों के नेताओं के साथ बातचीत की और व्यापार तथा टैरिफ को भी दबाव के साधन के तौर पर इस्तेमाल किया।
शहबाज शरीफ को बताया ‘फैंटास्टिक मैन’
भारत-पाकिस्तान संघर्ष का जिक्र करते हुए ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की भी तारीफ की। उन्होंने शहबाज को ‘फैंटास्टिक मैन’ बताया।
ट्रंप ने शहबाज की ओर से भेजे गए एक धन्यवाद पत्र का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, शहबाज ने पत्र में दावा किया था कि ट्रंप की कोशिशों से करीब 3 करोड़ लोगों की जान बची और संभव है कि इससे भी ज्यादा लोगों की जान बची हो। यह संख्या ट्रंप द्वारा भाषण में शहबाज के पत्र के हवाले से बताई गई।
भारत-पाकिस्तान संघर्ष को लेकर क्या हुआ था?
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव तेजी से बढ़ा था। इसके बाद 7 मई को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। दोनों देशों के बीच कई दिनों तक मिसाइल, ड्रोन और अन्य सैन्य कार्रवाइयां हुईं।
10 मई 2025 को दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी। भारत के अनुसार, यह समझौता दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधे संपर्क के बाद हुआ था।
भारत ने शुरुआत से ही यह स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया में किसी तीसरे देश की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की गई। जून 2025 में तत्कालीन विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप से बातचीत में साफ किया कि सैन्य कार्रवाई रोकने की बातचीत भारत और पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों के बीच मौजूदा सैन्य चैनलों के जरिए हुई थी।
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ट्रंप लगातार लेते रहे हैं संघर्ष रुकवाने का श्रेय
भारत-पाकिस्तान संघर्ष को रुकवाने में अपनी भूमिका का दावा ट्रंप ने पहली बार नहीं किया है। 2025 में भी उन्होंने कई मौकों पर कहा था कि उनके दबाव और टैरिफ की धमकी के कारण दोनों देशों ने संघर्ष रोकने पर सहमति बनाई।
सितंबर 2025 में UN महासभा के अपने भाषण में ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान को उन 7 संघर्षों में शामिल किया था, जिन्हें उन्होंने अपने कार्यकाल के शुरुआती सात महीनों में खत्म कराने का दावा किया था। उस समय उन्होंने पाकिस्तान और भारत के बीच संघर्ष को भी अपनी उपलब्धियों में गिनाया था।
इसके बाद फरवरी 2026 में भी ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान युद्ध रोकने का दावा दोहराया था। उन्होंने कहा था कि उन्होंने दोनों देशों पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी देकर संघर्ष रोकने में भूमिका निभाई।
जुलाई 2026 में भी ट्रंप ने इसी दावे को दोहराते हुए कहा था कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान से कहा था कि अगर वे युद्ध जारी रखते हैं तो उन पर भारी टैरिफ लगाया जाएगा। उनके मुताबिक, इसके बाद दोनों देशों ने लड़ाई रोकने पर सहमति जताई।
भारत का रुख ट्रंप के दावे से अलग
ट्रंप के लगातार किए जा रहे दावे के बावजूद भारत का आधिकारिक रुख अलग रहा है। भारत ने कहा है कि संघर्ष रोकने की प्रक्रिया दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधे संपर्क से हुई थी और किसी तीसरे देश की मध्यस्थता नहीं हुई।
जून 2025 में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने यह भी कहा था कि भारत ने अतीत में भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की है और आगे भी ऐसा नहीं करेगा।
ट्रंप के ‘8 युद्ध’ वाले दावे पर भी चर्चा
UN में इस बार ट्रंप ने 8 युद्ध रुकवाने का दावा किया। इससे पहले सितंबर 2025 में उन्होंने 7 युद्ध खत्म कराने की बात कही थी। उनके 2025 के दावे में भारत-पाकिस्तान के अलावा कंबोडिया-थाईलैंड, कोसोवो-सर्बिया, कांगो-रवांडा, इजरायल-ईरान, मिस्र-इथियोपिया और आर्मेनिया-अजरबैजान जैसे संघर्षों का जिक्र था।
ट्रंप के इन दावों पर स्वतंत्र तथ्य-जांच भी हुई है। पॉलिटिफैक्ट (PolitiFact) ने 2025 में निष्कर्ष दिया था कि ट्रंप की भूमिका कुछ संघर्षों में संघर्षविराम तक पहुंचने में रही, लेकिन ‘सात युद्ध खत्म करने’ का व्यापक दावा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया था और कुछ देशों के नेताओं ने उनकी भूमिका की सीमा पर असहमति जताई थी।
UN में भारत-पाक के अलावा कई मुद्दे उठाए
ट्रंप के भाषण का फोकस केवल भारत-पाकिस्तान संघर्ष तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने ईरान, यूक्रेन युद्ध, ग्रीनलैंड, AI, इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट और संयुक्त राष्ट्र की फंडिंग जैसे मुद्दों पर भी बात की।
भारत-पाकिस्तान संघर्ष का जिक्र करते हुए ट्रंप ने इसे अपने प्रशासन की कूटनीतिक उपलब्धियों में शामिल किया, जबकि भारत का रुख साफ रहा है कि 10 मई 2025 का सैन्य संघर्षविराम दोनों देशों के बीच सीधे सैन्य संपर्क से हुआ था, न कि अमेरिकी मध्यस्थता से।
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