Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या राम मंदिर चोरी केस में चढ़ावे की रकम को लेकर जांच के दौरान नया खुलासा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने SIT की स्थिति रिपोर्ट के आधार पर बताया कि मंदिर में चोरी की 105 घटनाएं CCTV कैमरों में कैद हुई हैं। इससे पहले करीब 70 संदिग्ध घटनाओं की जानकारी सामने आई थी।
105 घटनाएं CCTV में हुईं कैद
SIT की जांच के मुताबिक, मंदिर परिसर में 27 अप्रैल से 5 जून के बीच चोरी की 105 घटनाएं CCTV फुटेज में दर्ज हुईं। SIT ने CCTV फुटेज के अलावा गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद आरोपियों की पहचान की है।
इससे पहले 23 जून को पहली SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट में इसी अवधि के दौरान करीब 70 संदिग्ध घटनाओं का जिक्र किया गया था। अब दूसरी SIT की रिपोर्ट में घटनाओं की संख्या 105 बताई गई है।
जूते और जेबों में चंदे के नोट रखते दिखे आरोपी
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों को CCTV फुटेज में नोटों के बंडल अपनी जेबों और जूतों में छिपाते हुए देखा गया। जांच के दौरान आरोपियों के घरों से भी लाखों रुपये बरामद किए गए।
मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों से 79.85 लाख रुपये बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है।
8 आरोपी जेल में बंद
राम मंदिर में चढ़ावे की रकम की चोरी के मामले में 25 जून को 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। गिरफ्तार आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टीनू यादव शामिल हैं। सभी आरोपी फिलहाल फैजाबाद जेल में बंद हैं।
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25 सितंबर तक दाखिल होगी चार्जशीट
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि SIT की जांच लगभग पूरी हो चुकी है और 25 सितंबर तक आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा। चार्जशीट में 105 घटनाओं में कितनी रकम चोरी हुई, प्रत्येक आरोपी की क्या भूमिका रही और कितनी रकम बरामद हुई, इसका विस्तृत ब्योरा सामने आने की उम्मीद है।
जांच में मंदिर में चढ़ावे की रकम की गिनती और उसे जमा करने की प्रक्रिया को भी शामिल किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर में मिलने वाले कीमती सामान की रसीद सॉफ्टवेयर के जरिए तैयार की जाती है और बाद में उसे SBI के लॉकर में रखा जाता है।
SIT रिपोर्ट की कॉपी याचिकाकर्ताओं को नहीं मिली
याचिकाकर्ताओं ने SIT की स्थिति रिपोर्ट की प्रति मांगी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि वह मामले को सत्र न्यायाधीश के अधिकार क्षेत्र से बाहर नहीं ले जाना चाहता। हालांकि, जरूरत पड़ने पर आगे की जांच के आदेश दिए जा सकते हैं।
फिलहाल इस मामले में सबकी नजर 25 सितंबर को दाखिल होने वाली चार्जशीट पर है, जिसमें चोरी की रकम और आरोपियों की भूमिका से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
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