Azamgarh Murder Case: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में पूजा को लेकर हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। 42 वर्षीय अरविंद सिंह ने अपनी पत्नी, 9 साल के बेटे और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपने तीन बच्चों को कमरे में बंधक बना लिया। करीब 7 घंटे तक पुलिस उसे सरेंडर करने के लिए समझाती रही। बाद में पुलिस की कार्रवाई के दौरान हुई फायरिंग में अरविंद घायल हो गया और अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
घटना अहिरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गहजी गांव की है। पुलिस के मुताबिक, अरविंद के घर में पिछले चार दिनों से पूजा चल रही थी। परिवार को आशंका थी कि अरविंद पर भूत-प्रेत का साया है। इसी वजह से घर पर पूजा कराई जा रही थी। पूजा में पंडित महेंद्र पाठक (60), अखिलेश मिश्रा (55) समेत अन्य लोग शामिल थे।
पत्नी से विवाद के बाद पुजारियों से भी भिड़ा
बताया गया कि मंगलवार शाम करीब 6 बजे अरविंद बाजार से घर लौटा। इसके बाद पत्नी बबीता से उसका विवाद होने लगा। पूजा करा रहे पुजारियों ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन वह उनसे भी बहस करने लगा। इसी दौरान उसने पुजारियों से आधार कार्ड मांगा और कथित तौर पर अपशब्द कहे।
विवाद बढ़ने के बाद अरविंद अपनी लाइसेंसी राइफल लेकर आया और पत्नी बबीता सिंह तथा दोनों पुजारियों पर गोली चला दी। फायरिंग में तीनों की मौत हो गई।
तीन बच्चों को कमरे में किया बंद
फायरिंग के बाद अरविंद अपने तीन बच्चों को लेकर एक कमरे में चला गया और खुद को अंदर बंद कर लिया। उसने बच्चों को जान से मारने की धमकी दी। सूचना मिलते ही छह थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। स्थिति गंभीर होने पर SOG और ATS की टीम को भी बुलाया गया।
पुलिस ने घर को चारों तरफ से घेर लिया और अरविंद को लगातार सरेंडर करने के लिए समझाती रही। करीब सात घंटे तक वह बच्चों के साथ कमरे में बंद रहा।
Azamgarh, UP: A firing incident during a puja in Shambhupur village, Azamgarh, allegedly left three people, including a woman and two priests, dead. Police and forensic teams reached the spot and began collecting evidence. Senior officials, including SSP Azamgarh Dr. Anil Kumar,… pic.twitter.com/lQjYOVY1KJ
— IANS (@ians_india) September 22, 2026
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9 साल के बेटे को भी मारी गोली
पुलिस के मुताबिक, रात करीब 1 बजे अरविंद ने अपने 9 साल के बेटे शौर्य को गोली मार दी। इसके बाद पुलिस ने घर के अंदर कार्रवाई शुरू की। टीम ने स्टेन ग्रेनेड और टियर गैस का इस्तेमाल किया और घर में दाखिल हुई।
पुलिस का दावा है कि इस दौरान अरविंद ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से पुलिस टीम पर करीब छह राउंड फायरिंग की। जवाबी फायरिंग में उसे गोली लगी। घायल अरविंद को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
ADG ने बताया- बच्चों को सुरक्षित निकाला
वाराणसी जोन के ADG नवीन अरोड़ा ने बताया कि सात घंटे की घेराबंदी के बाद पुलिस ने तीनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। एक बेटे को गोली लगी थी, जबकि दोनों बेटियां सदमे और डिहाइड्रेशन की स्थिति में थीं। सभी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
ADG के मुताबिक, आरोपी के अंदर से फायरिंग के बाद SSP और SOG टीम ने स्टन ग्रेनेड व आंसू गैस का इस्तेमाल कर घर में प्रवेश किया। जवाबी फायरिंग में अरविंद घायल हुआ। उसके खिलाफ हत्या और बेटे को गोली मारने समेत कई धाराओं में FIR दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
#UPDATE | Azamgarh, UP | On the incident in which a man allegedly shot and killed his wife and two other people at his residence, ADG Varanasi Zone Naveen Arora says, “…It was successful in the sense that, prima facie, we managed to save the lives of all three children. One son… pic.twitter.com/ZvJMztNQ5L
— ANI (@ANI) September 22, 2026
घटना में पांच लोगों की मौत
इस घटना में आरोपी अरविंद सिंह समेत पांच लोगों की मौत हुई है। मृतकों में अरविंद की पत्नी बबीता सिंह (40), बेटा शौर्य (9) और दो पुजारी महेंद्र पाठक (60) व अखिलेश मिश्रा (55) शामिल हैं। पुलिस ने कमरे से बच्चों को बाहर निकाल लिया। पुलिस ने तीनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल भेजा है।
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