Nandigram BJP Candidate Education Controversy: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले BJP प्रत्याशी हसीरानी रथ के चुनावी हलफनामे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि हलफनामे में उनकी जन्मतिथि और शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी जानकारी में विसंगति है। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। अदालत में मामले की सुनवाई 24 सितंबर को होने की बात कही गई है।
कांग्रेस का दावा- जन्म 1966, 10वीं 1965 में पास
कांग्रेस नेता और वकील रित्जू घोषाल ने आरोप लगाया कि हसीरानी रथ के चुनावी हलफनामे में उनका जन्म वर्ष 1966 बताया गया है, जबकि शैक्षणिक योग्यता के कॉलम में 1965 में माध्यमिक यानी 10वीं परीक्षा पास करने की जानकारी दर्ज है।
कांग्रेस ने इसी आधार पर सवाल उठाया कि अगर जन्म वर्ष 1966 है तो 1965 में 10वीं की परीक्षा कैसे पास की जा सकती है। पार्टी ने इस कथित विसंगति को लेकर उनकी उम्मीदवारी पर सवाल उठाते हुए अदालत से हस्तक्षेप की मांग की है।
वकील बोलीं- ‘BJP प्रत्याशी के जन्म वर्ष और 10वीं पास करने के साल में विसंगति’
नंदीग्राम उपचुनाव में BJP प्रत्याशी हंसी रानी रथ की उम्मीदवारी को चुनौती देने वाली याचिका पर अधिवक्ता श्रीपर्णा दास ने हलफनामे में दर्ज जानकारी को लेकर सवाल उठाए हैं।
श्रीपर्णा दास ने कहा, “यह एक महत्वपूर्ण याचिका है। हमने इसे कल जल्द सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया है। उनकी उम्र और शैक्षणिक योग्यता को लेकर कुछ विसंगतियां हैं। उन्होंने अपने हलफनामे में जन्म वर्ष 1966 बताया है, जबकि 1965 में 10वीं की परीक्षा पास करने की जानकारी दी है। तकनीकी रूप से यह संभव नहीं है।”
Kolkata, West Bengal: On Writ Petition Challenging Candidature of BJP Candidate Hansi Rani Rath, Advocate Sreeparna Das says, “It’s a rich petition that has been, we have mentioned it for early hearing tomorrow. Since there are certain discrepancies with regard to her age that… pic.twitter.com/5RWwbwiINb
— IANS (@ians_india) September 23, 2026
स्कूल के रिकॉर्ड पर भी सवाल
कांग्रेस ने हसीरानी रथ के हलफनामे में बताए गए चौखाली गंगा पद्म मिलन कन्या विद्यापीठ के रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस के मुताबिक, इस स्कूल की शुरुआत 1963 में हुई थी और उस समय वहां पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई होती थी। पार्टी का दावा है कि स्कूल को 10वीं तक पढ़ाई कराने की सरकारी मंजूरी 1973 में मिली थी।
कांग्रेस नेता रित्जू घोषाल ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग ने हलफनामे की जांच की थी, लेकिन इस विसंगति को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
कांग्रेस ने की उम्मीदवारी रद्द करने की मांग
कांग्रेस ने हाईकोर्ट से मांग की है कि यदि हसीरानी रथ की शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी जानकारी गलत पाई जाती है तो उनकी उम्मीदवारी रद्द की जाए।
हालांकि, मामले में अंतिम फैसला दस्तावेजों और कानूनी प्रावधानों की जांच के बाद ही होगा। अदालत यह भी देख सकती है कि हलफनामे में दर्ज जानकारी में गलती किस स्तर की है और उसका चुनावी उम्मीदवारी पर कानूनी प्रभाव क्या पड़ता है।
केया घोष बोलीं- ‘हसीरानी रथ के हलफनामे में टाइपिंग की गलती हो सकती है’
कांग्रेस की ओर से आगामी नंदीग्राम उपचुनाव में BJP प्रत्याशी हसीरानी रथ के नामांकन पर आपत्ति जताए जाने के बाद BJP नेता केया घोष ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने इसे कांग्रेस की नाकाम कोशिश बताया और कहा कि उनकी हताशा साफ दिखाई दे रही है।
केया घोष ने कहा, “हसीरानी रथ के मामले में टाइपिंग की कोई गलती हुई हो सकती है, जिस पर चुनाव आयोग निश्चित रूप से ध्यान देगा। उन्हें दस्तावेजों की जांच कर लेनी चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की आपत्ति से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। केया घोष के मुताबिक, “वे नंदीग्राम पहले ही हार चुके हैं। BJP की जीत तय है।”
#WATCH | Kolkata, West Bengal | On Congress’s objection to the nomination of the BJP candidate in the upcoming Nandigram, BJP leader Keya Ghosh says, “…This is a failed attempt by the Congress. Their frustration is clearly visible. There might have been some typing error… pic.twitter.com/wwVInq4ecC
— ANI (@ANI) September 23, 2026
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BJP ने आरोपों को बताया टाइपिंग की गलती
वहीं BJP ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि हसीरानी रथ की उम्र को लेकर कोई समस्या नहीं है और हलफनामे में सिर्फ टाइपिंग की गलती हुई है।
हसीरानी रथ के नंदीग्राम स्थित कार्यालय की ओर से कहा गया कि उनका जन्म 1965 में हुआ था और उन्होंने 1980 में 10वीं की पढ़ाई पूरी की थी। BJP के मुताबिक, हलफनामे में 1965 का उल्लेख गलती से हुआ है।
6 अक्टूबर को मतदान, 9 अक्टूबर को नतीजे
नंदीग्राम विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव के लिए मतदान होना है, जबकि 9 अक्टूबर को मतगणना होगी। यह सीट 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी के जीतने के बाद खाली हुई है।
शुभेंदु अधिकारी ने 2026 में नंदीग्राम के साथ भवानीपुर सीट से भी चुनाव लड़ा था और दोनों सीटों पर जीत दर्ज की थी। बाद में उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया।
नंदीग्राम उपचुनाव में पहले भी विवाद
नंदीग्राम उपचुनाव में प्रत्याशियों को लेकर पहले भी घटनाक्रम सामने आ चुका है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट की प्रत्याशी संचिता प्रधान डे ने 18 सितंबर को अपना नाम वापस ले लिया था। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया।
समर्थन के कुछ घंटे बाद कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को 2007 के एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया। यह मामला नंदीग्राम के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़ा बताया गया है। 23 सितंबर को अदालत ने एक अन्य 2007 के मामले में उन्हें 7 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। कलकत्ता हाईकोर्ट 24 सितंबर को उनकी याचिका पर भी सुनवाई करेगा।





