Trump Xi Jinping State Dinner: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन के सम्मान में व्हाइट हाउस में स्टेट डिनर आयोजित किया। इस खास डिनर में अमेरिकी और चीनी स्वाद का मेल देखने को मिला। डिनर का खास मेन्यू अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप ने तैयार किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप ने व्हाइट हाउस में शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का स्टेट डिनर के लिए स्वागत किया।
VIDEO | Washington: US President Donald Trump and First Lady Melania welcome Chinese President Xi Jinping and wife Peng Liyuan for state dinner at White House.
(Source: The White House’s X handle) pic.twitter.com/CPcb2ERvPN
— Press Trust of India (@PTI_News) September 25, 2026
शुरुआत में परोसा गया जंगली मशरूम का सूप
डिनर की शुरुआत पीले स्क्वैश से बने गाढ़े सूप से हुई। इसमें जंगली मशरूम, हरी जड़ी-बूटियां, कुरकुरा पैनसेटा और हरे प्याज का तेल शामिल किया गया था।
मुख्य व्यंजन में तिल वाली सी-बास मछली
इसके बाद तिल की परत वाली सी-बास मछली परोसी गई। इसके साथ बोक चॉय, भुना हुआ बैंगन और हरी चटनी दी गई। बोक चॉय चीन में लोकप्रिय सब्जी है, जो देखने में छोटी पत्तागोभी जैसी होती है।
मिठाई में चेरी, अखरोट और आइसक्रीम
डिनर के अंत में वनीला क्रीम, खट्टी चेरी और अखरोट से तैयार मिठाई परोसी गई। इसके साथ आइसक्रीम भी थी, जिसमें व्हाइट हाउस में तैयार किया गया शहद इस्तेमाल किया गया।
ट्रंप बोले- अमेरिका और चीन के रिश्ते पहले से बेहतर
डिनर के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और चीन की राजनीतिक व्यवस्थाएं अलग हैं, लेकिन दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध मजबूत हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते पहले से बेहतर हैं।
ट्रंप ने अपने बीजिंग दौरे को याद करते हुए कहा कि चीन में उनका जिस गर्मजोशी से स्वागत हुआ था, अब अमेरिका भी जिनपिंग को वैसा ही सम्मान देना चाहता है।
इस दौरान ट्रंप ने जिनपिंग को अमेरिका के राष्ट्रीय पक्षी बाल्ड ईगल का करीब 3 फीट ऊंचा स्टैच्यू भी तोहफे में दिया। उन्होंने इसे अमेरिका की आजाद और ऊंची उड़ान भरने वाली भावना का प्रतीक बताया।
At the dinner, President Xi Jinping delivered remarks, followed by President Trump. Trump then invited President Xi and the accompanying guests to tour the unfinished new banquet hall of the White House pic.twitter.com/rfTQUFOzJ9
— Xi Min (@xmn110310726765) September 25, 2026
जिनपिंग ने अमेरिका-चीन संबंधों का इतिहास याद किया
जिनपिंग ने अपने संबोधन में अमेरिका-चीन संबंधों के इतिहास का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चीन का मजबूत होना अमेरिका के खिलाफ नहीं है। उनके मुताबिक, दोनों देश अपने-अपने विकास और लक्ष्यों के लिए एक-दूसरे के साथ सहयोग कर सकते हैं।
उन्होंने दूसरे विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका और चीन के साथ मिलकर जापान का मुकाबला करने का भी जिक्र किया।
जिनपिंग ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन की 1972 में चीन यात्रा और पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर की भूमिका को भी याद किया।
वहीं, उनके भाषण में ताइवान और दक्षिण चीन सागर जैसे विवादित मुद्दों का जिक्र नहीं हुआ। उन्होंने चीन की परमाणु क्षमता या अमेरिका-चीन के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा पर भी बात नहीं की।
स्टेट डिनर में टेक जगत के बड़े चेहरे पहुंचे
स्टेट डिनर में अमेरिका के टेक और बिजनेस जगत की कई प्रमुख हस्तियां भी शामिल हुईं। इनमें जेफ बेजोस, एलन मस्क, सुंदर पिचाई, सैम ऑल्टमैन, ग्रेग ब्रॉकमैन, जेन्सेन हुआंग और माइकल डेल शामिल थे।
सैम ऑल्टमैन व्हाइट हाउस पहुंचने पर लोगों को ऑटोग्राफ देते नजर आए। वहीं एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग अपने आम काले लेदर जैकेट के बजाय टक्सीडो में पहुंचे।
President Trump welcomes Chinese President Xi Jinping to the White House for a state dinner, bringing together some of the biggest names in American business and technology.
Among the high-profile guests are Elon Musk, Jeff Bezos, OpenAI CEO Sam Altman, NVIDIA CEO Jensen Huang,… pic.twitter.com/cUGvoQ8cuF
— Fox News (@FoxNews) September 25, 2026
ट्रंप-जिनपिंग की करीब 2 घंटे चली बैठक
स्टेट डिनर से पहले ट्रंप और जिनपिंग ने व्हाइट हाउस में करीब 2 घंटे बैठक की। यह बैठक तय समय से करीब एक घंटे ज्यादा चली।
बंद कमरे में हुई इस बैठक में AI, व्यापार, सुरक्षा और अमेरिका-चीन संबंधों समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने जिनपिंग के साथ अपने निजी रिश्ते और दोनों नेताओं के बीच दोस्ती पर जोर दिया। वहीं, जिनपिंग ने व्यक्तिगत रिश्तों की तुलना में दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक संबंधों और आपसी हितों पर अधिक जोर दिया।






