Kunal Ghosh Car Attack: पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में शनिवार को TMC विधायक कुणाल घोष की कार पर हमला किया गया। कुणाल घोष श्रीरामपुर में ममता बनर्जी की रैली में शामिल होने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान उत्तरपाड़ा में कुछ लोगों ने उनकी कार को घेर लिया और उस पर अंडे फेंके। हमले में कार का पीछे का शीशा टूट गया।
कुणाल घोष ने घटना का वीडियो X पर शेयर किया गया है। वीडियो में कुणाल घोष ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। कार की पिछली सीट पर भी कुछ लोग मौजूद थे, जो घटना को रिकॉर्ड कर रहे थे। इसी दौरान भीड़ कार के आसपास नजर आ रही है।
ডিম এখন পুরনো। আজ সঙ্গে দেখলাম ইঁট, পাথর, রড, শাবল। শ্রীরামপুর যাওয়ার পথে উত্তরপাড়ায় বিজেপির হামলা। দুদফায়। গাড়ি আটকানো হল ফিল্মি কায়দায়, রাস্তায় লরি বেঁকিয়ে দাঁড় করিয়ে। গাড়িতে ঝাঁপিয়ে পড়ল গুন্ডারা। সামনে, পেছনে, সর্বত্র কাঁচ ভাঙচুর। আমি সামনে বসি। সেই কাঁচ ভাঙা হল… pic.twitter.com/iqhd4wkCBf
— Kunal Ghosh (@KunalGhoshAgain) September 26, 2026
कुणाल घोष बोले- ‘यह जंगलराज है’
हमले के बाद कुणाल घोष ने घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “यह जंगलराज है। मेरी कार पर पत्थर और अंडे फेंके गए और रास्ता रोक दिया गया।” घोष ने दावा किया कि जब उनकी कार को रोका गया, उस समय मौके पर कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था।
कुणाल घोष ने आरोप लगाया, “BJP के गुंडे ईंट, पत्थर, रॉड और अन्य चीजों के साथ पहुंचे थे। उन्होंने कार के सभी शीशे पूरी तरह तोड़ दिए और गाड़ी को चारों तरफ से नुकसान पहुंचाया। हमारे कार्यकर्ता हमें बचाने और वहां से निकालने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन मौके पर कोई पुलिस मौजूद नहीं थी।”
उन्होंने कहा कि वह कोलकाता लौट रहे हैं और सीधे लालबाजार या भवानी भवन जाकर घटना की शिकायत दर्ज कराएंगे।
Kolkata, West Bengal: Mamata All India Trinamool Congress MLA Kunal Ghosh says, “Our vehicle was attacked, and BJP goons came equipped with bricks, stones, rods, and everything, completely shattering all the windows of the car. They damaged it from all sides. Our workers were… pic.twitter.com/JTaNlH2Ipd
— IANS (@ians_india) September 26, 2026
TMC नेताओं ने इस घटना के लिए BJP को जिम्मेदार बताया है। पार्टी नेता असित मजूमदार ने आरोप लगाया कि यह आम लोगों का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि BJP की ओर से पहले से तैयार किया गया हमला था। वहीं, उत्तरपाड़ा से BJP विधायक दीपांजन चक्रवर्ती ने इसे लोगों के गुस्से का नतीजा बताया।
‘BJP के गुंडे कर रहे हमला, हमारे लोगों को सड़क पर रोका’: ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने TMC विधायक कुणाल घोष पर हुए हमले को लेकर BJP पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “मैं एक बार फिर अनुरोध करती हूं कि कृपया सहयोग करें। बंगाल में परेशानी पैदा न करें। कोर्ट के फैसले के अनुसार आज हम श्रीरामपुर में सभा कर रहे हैं। लेकिन हमारे लोगों को बुरी तरह पीटा जा रहा है और सड़क पर रोका जा रहा है। उन्हें सभा स्थल तक जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। BJP के गुंडे और उपद्रवी हमारे लोगों पर हमला कर रहे हैं।”
ममता बनर्जी ने आगे कहा, “कई लोगों पर हमला किया गया है और उन्हें घेर लिया गया है। अब मैं मौके पर जा रही हूं। मैं देखती हूं कि क्या स्थिति है। हमारे लोगों को घेर लिया गया है, उनकी कार तोड़ दी गई है और हमारे विधायक कुणाल घोष, जो सक्रिय रूप से काम करते हैं, वह पूरी तरह घायल हैं।”
VIDEO | Kolkata: Former West Bengal CM Mamata Banerjee on attack on party MLA Kunal Ghosh, says, “I once again request… please cooperate. Don’t create nuisance for Bengal. As per court verdict, we are addressing a meeting today at Srirampur. But our people are being severely… pic.twitter.com/IGhSNYEWFh
— Press Trust of India (@PTI_News) September 26, 2026
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कुणाल घोष पर पहले भी हो चुके हैं हमले
कुणाल घोष पर पिछले कुछ महीनों में इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं।
15 जून: कोलकाता के कालीघाट में ममता बनर्जी के आवास से मुलाकात के बाद बाहर निकलकर मीडिया से बात कर रहे कुणाल घोष पर अंडा फेंका गया था। घटना को लेकर उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने चंदन सिंह और रवि कोयल को गिरफ्तार किया था। बाद में दोनों को जमानत मिल गई।
12 अगस्त: कोलकाता के गरपार इलाके में कुणाल घोष के घर, क्लब और पार्टी ऑफिस में तोड़फोड़ का आरोप लगा था। घटना के समय वह घर पर मौजूद नहीं थे। घोष ने दावा किया था कि बाहर से लोगों को बुलाकर उन्हें निशाना बनाया गया। उनके मुताबिक, पार्टी ऑफिस के बाहर लगे ममता बनर्जी और उनके पोस्टर-बैनर भी फाड़े गए थे।
ममता बनर्जी के कार्यक्रमों में भी विरोध
पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ महीनों के दौरान ममता बनर्जी के कार्यक्रमों में भी विरोध-प्रदर्शन की कई घटनाएं सामने आई हैं।
8 जुलाई: कोलकाता में TMC की रैली के दौरान ममता बनर्जी के कार्यक्रम में अंडे फेंके गए और ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए गए। यह रैली बारुईपुर रेप-मर्डर मामले के विरोध में निकाली गई थी।
9 अगस्त: नॉर्थ 24 परगना के हालीशहर में ममता बनर्जी की कार को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया था। इस दौरान कार पर कीचड़, चप्पल और पत्थर फेंके जाने के आरोप लगे। प्रदर्शनकारियों ने ‘चोर-चोर’ के नारे भी लगाए। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि उनकी कार पर ईंट-पत्थर फेंके गए और उनकी जान को खतरा हो सकता था।
11 अगस्त: कोलकाता के श्यामबाजार में नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर आयोजित TMC कार्यक्रम के दौरान भी ममता बनर्जी के खिलाफ ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए गए थे।
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कई TMC नेताओं पर हमले की घटनाएं
पिछले कुछ महीनों में TMC के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ अंडे फेंकने या हमले की घटनाएं सामने आई हैं। इनमें TMC सांसद सौगत रॉय, अभिषेक बनर्जी और महुआ मोइत्रा समेत कई नेता शामिल हैं।
28 मई को नॉर्थ 24 परगना जिले में सौगत रॉय की कार पर अंडे फेंके गए और ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए गए।
30 मई को सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर अंडे, पत्थर और जूते फेंके जाने का आरोप लगा। सुरक्षाकर्मियों को उन्हें पुलिस हेलमेट पहनाकर वहां से बाहर निकालना पड़ा।
6 जून को मदन मित्रा के काफिले पर अंडे फेंके गए। इसके बाद 16 जून को युवा नेता सौमित्र बनर्जी और 18 जून को पूर्व मंत्री उदयन गुहा के खिलाफ भी अंडे और जूते फेंकने की घटनाएं सामने आईं।
1 जुलाई को कृष्णनगर में TMC सांसद महुआ मोइत्रा पर अंडे, सब्जियां और पत्थर फेंके जाने का आरोप लगा।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
नेताओं की सुरक्षा उनके पद के बजाय खतरे के आकलन के आधार पर तय की जाती है। इसी आधार पर X, Y, Y+, Z और Z+ जैसी सुरक्षा श्रेणियां होती हैं। सुरक्षा व्यवस्था में राज्य पुलिस की भी अहम भूमिका होती है। ममता बनर्जी को Z+ सुरक्षा मिली हुई है।
कुणाल घोष जैसे TMC नेताओं ने सवाल उठाया है कि इतनी कड़ी सुरक्षा वाले इलाके में ममता बनर्जी के आवास के बाहर अंडा कैसे फेंका गया। उनका कहना है कि ऐसी घटना सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करती है।
इसी बीच दूसरे TMC नेताओं की सुरक्षा में भी बदलाव हुआ है। मई 2026 में अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा Z+ से घटाकर Z कर दी गई थी और उनके घर-दफ्तर के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल भी हटाया गया था।
वहीं, कुणाल घोष की अतिरिक्त सुरक्षा को भी घटाकर MLA स्तर का कर दिया गया। महुआ मोइत्रा की सुरक्षा के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने उनके क्षेत्र के दौरे के दौरान दो अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती का आदेश दिया था।





