Israel Plane Hijacking Plan Failed: दुबई से उड़ान भरने वाले 174 यात्रियों से भरे एक विमान के हाईजैक होने का अलर्ट मिलने के बाद इजराइल ने संभावित बड़े आतंकी हमले को रोकने के लिए फाइटर जेट्स रवाना कर दिए थे। इजराइली अधिकारियों को आशंका थी कि अगर विमान का नियंत्रण वापस नहीं मिलता, तो इसका इस्तेमाल इजराइल में 9/11 जैसे हमले के लिए किया जा सकता है।
हाईजैक की स्थिति में विमान को मार गिराने की थी तैयारी
टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक, विमान के हाईजैक होने का अलर्ट मिलने के बाद इजराइल ने तुरंत लड़ाकू विमान रवाना किए। आशंका थी कि अगर विमान का कंट्रोल वापस नहीं मिलता और वह इजराइल की ओर बढ़ता है, तो उसे हवा में ही मार गिराने का फैसला लेना पड़ सकता है।
भारत में इजराइल के राजदूत रियूवेन अजार ने बताया कि ऐसी स्थिति में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को कार्रवाई पर फैसला लेना पड़ सकता था।
हालांकि, स्थिति उस स्तर तक नहीं पहुंची। भारतीय पायलट और यात्रियों ने साहस दिखाते हुए हमलावर को-पायलट पर काबू पा लिया और विमान को सऊदी अरब में सुरक्षित उतार लिया गया।
यात्रियों को बंधक बनाया जाता तो यामाम संभालती मोर्चा
इजराइल ने केवल विमान को रोकने की तैयारी ही नहीं की थी, बल्कि हाईजैकर्स के यात्रियों को बंधक बनाने की स्थिति के लिए भी योजना तैयार रखी थी।
ऐसे हालात में इजराइल की राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी यूनिट यामाम को इस्तेमाल किया जाना था। अगर हाईजैकर्स यात्रियों की रिहाई के बदले कोई मांग रखते, तो उनसे बातचीत और बंधकों को सुरक्षित निकालने की कार्रवाई के लिए विशेष यूनिट को लगाया जाता।
विमान दूसरे देश में क्रैश होता तो कमांडो भेजे जाते
इजराइल ने ऐसी स्थिति के लिए भी तैयारी की थी, जिसमें हाईजैक हुआ विमान इजराइल के बजाय जॉर्डन या सऊदी अरब में दुर्घटनाग्रस्त हो जाता।
ऐसे मामले में विमान में फंसे यात्रियों और क्रू को बचाने के लिए इजराइली एयरफोर्स की विशेष कमांडो यूनिट शालदाग को भेजने की योजना थी।
विमान एक मिनट में 16 हजार फीट नीचे आया
Flightradar24 के मुताबिक, घटना के करीब ढाई घंटे बाद विमान एक मिनट में करीब 33 हजार फीट से 17 हजार फीट की ऊंचाई पर आ गया।
विमान बोइंग 737 मैक्स 8 था। न्यूजीलैंड के फ्लाइट स्कूल के प्रमुख फिलिप कीन ने विमान की सुरक्षित लैंडिंग को असाधारण बताया। इसी फ्लाइट स्कूल में कैप्टन स्मित मच्छर ने ट्रेनिंग ली थी।
ये भी पढ़ेंः इजरायली PM ने भारतीय पायलट स्मित मछार को बताया सच्चा हीरो, चाकू के हमले के बावजूद बचाई 174 लोगों की जान
नेतन्याहू ने हमलावर के ब्रेनवॉश का किया
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फ्लाईदुबई की उड़ान में हुई घटना को “बेहद गंभीर सुरक्षा घटना” बताया। उन्होंने कहा कि इजराइल के पास पहुंचते समय एक पायलट ने दूसरे पायलट पर चाकू से हमला किया और संकेत मिलते हैं कि आरोपी विमान को क्रैश करने की कोशिश कर रहा था।
नेतन्याहू के मुताबिक, एक यात्री और क्रू के एक सदस्य ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू किया। इसके बाद एक अन्य क्रू सदस्य ने विमान का नियंत्रण संभाला और उसे स्थिर किया।
उन्होंने कहा कि यात्रियों और क्रू की इस कार्रवाई ने “एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया।”
हमला करने वाले पायलट से फिलहाल सऊदी अरब के अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं।
नेतन्याहू ने दावा किया कि हमलावर को-पायलट कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा से प्रभावित था। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने आरोपी के ब्रेनवॉश किए जाने की बात कही।
WATCH: Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu addresses the nation after what he calls an “extremely serious security incident” aboard a Flydubai flight carrying mostly Israeli passengers to Tel Aviv.
Netanyahu says one pilot stabbed the other as the plane approached Israel,… pic.twitter.com/SJMnuvNzIq
— Fox News (@FoxNews) September 30, 2026
घायल कैप्टन स्मित मच्छर की हालत में सुधार
घायल भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर की हालत में सुधार हो रहा है। UAE में भारतीय दूतावास के मुताबिक, उनकी स्थिति अच्छी है और वह तेजी से ठीक हो रहे हैं।
कैप्टन मच्छर को पहले सऊदी अरब के तबुक शहर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उन्हें इलाज के लिए UAE लाया गया। गुरुवार को UAE में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने अस्पताल पहुंचकर कैप्टन और उनके परिवार से मुलाकात की।
9/11 जैसे हमले की थी आशंका
11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए 9/11 हमले में करीब 3,000 लोगों की मौत हुई थी। अल-कायदा के 19 आतंकियों ने चार यात्री विमानों को हाईजैक किया था।
दो विमानों को न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के टावरों से और एक विमान को पेंटागन से टकराया गया था। चौथा विमान यात्रियों के विरोध के बाद एक खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
इस मामले में भी इजराइल को आशंका थी कि अगर विमान का नियंत्रण वापस नहीं लिया गया और उसका इस्तेमाल हमले के लिए किया गया, तो बड़े पैमाने पर नुकसान हो सकता है। इसी वजह से संभावित खतरे से निपटने के लिए फाइटर जेट्स, कमांडो और बातचीत से जुड़ी टीमों को तैयार रखा गया था।
ये भी पढ़ेंः आज से बदल गए ये 6 नियम: गैस सिलेंडर से लेकर UPI और ATM तक, जानें आपकी जेब पर क्या होगा असर






