Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मध्य प्रदेश को नशामुक्त करने के लिए 31 दिसंबर 2029 की डेडलाइन तय की है। भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित गोपालक सम्मेलन में शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश को तय समय से पहले नशामुक्त करने के लिए बारीकी से योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस दिशा में मुख्यमंत्री और गृह विभाग के साथ चर्चा की जाएगी।
कार्यक्रम में 11 जिलों से करीब 35 हजार गोपालक पहुंचे। अमित शाह ने गोशालाओं के लिए 101 करोड़ रुपये की सहायता राशि देने की बात कही। इसके अलावा उज्जैन में बन रहे 255 करोड़ रुपये के डेयरी प्लांट का वर्चुअल भूमिपूजन किया।
‘बेटे-बेटियों के लिए नशे की जगह नहीं होगी’
अमित शाह ने नशे के मुद्दे पर अभिभावकों और खासकर माताओं से अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार मध्य प्रदेश को नशे से मुक्त करने के लिए ठोस रणनीति पर काम करेगी। शाह ने कहा,
“मैं मध्य प्रदेश की हर माता से कहने आया हूं कि आपके बेटे-बेटी के लिए नशे की जगह नहीं होगी।”
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और गृह विभाग के साथ बैठक कर नशे के खिलाफ आगे की रणनीति तैयार करने की योजना थी। हालांकि, बाद में अधिकारियों के साथ प्रस्तावित बैठक रद्द हो गई। अधिकारियों के मुताबिक शाह एक जरूरी बैठक में वर्चुअली जुड़ गए थे, जिसके चलते प्रेस कॉन्फ्रेंस भी नहीं हो सकी।
‘तारीख पर तारीख’ से तीन साल में सजा तक
गोपालक सम्मेलन में अमित शाह ने नए आपराधिक कानूनों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश की न्याय व्यवस्था लंबे समय तक ‘तारीख पर तारीख’ के लिए जानी जाती रही है।
शाह ने कहा कि वह खास तौर पर महिलाओं और युवाओं को बताना चाहते हैं कि नए कानून पूरी तरह लागू होने के करीब डेढ़ साल बाद दोषी को तीन साल के भीतर सजा दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने पर भी तय समयसीमा में न्याय दिलाने की दिशा में व्यवस्था तैयार की गई है।
उन्होंने कहा कि नई न्याय संहिता का उद्देश्य भारतीय नागरिकों की गरिमा, संपत्ति और व्यक्ति की सुरक्षा करना है। शाह के मुताबिक ब्रिटिश काल के कानूनों का मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश शासन की रक्षा करना था।
अमित शाह ने कहा कि नए कानून पूरी तरह लागू होने के बाद भारत की आपराधिक न्याय व्यवस्था दुनिया की आधुनिक न्याय व्यवस्थाओं में शामिल होगी।
उन्होंने नए कानूनों में ई-साक्ष्य, ई-समन, ऑनलाइन सुनवाई, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) जैसी तकनीकी व्यवस्थाओं का भी जिक्र किया। शाह ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, लापता बच्चों से जुड़े मामलों और मॉब लिंचिंग के खिलाफ भी नए प्रावधान किए गए हैं।
VIDEO | Bhopal: Union Home Minister Amit Shah at Gopalak Sammelan, says, “Our justice system was known for the taunt of ‘Taareek pe Taareek’. But I have come especially to tell women and youth that after one and a half years, following the full implementation of the new laws, the… pic.twitter.com/PIBUTUHC4l
— Press Trust of India (@PTI_News) October 3, 2026
कांग्रेस पर शाह का निशाना
अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेसी भाजपा सरकार का विरोध करते हैं और वह आज अपने काम का हिसाब देने आए हैं।
उन्होंने दूध उत्पादन के आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि देश में दूध उत्पादन लगातार बढ़ा है। शाह के मुताबिक 2014-15 में प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता 307 ग्राम थी, जो अब 485 ग्राम तक पहुंच गई है।
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में सबसे ज्यादा दूध उत्पादन करने वाला देश बन गया है। दूध उत्पादन में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र प्रमुख राज्यों में शामिल हैं।
‘सहकारिता से दूध की कीमत ₹55 होगी’
अमित शाह ने कहा कि आजादी के बाद से अलग सहकारिता मंत्रालय बनाने की मांग होती रही, लेकिन कांग्रेस के शासन में ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद अलग सहकारिता मंत्रालय बनाया गया।
शाह ने कहा कि सहकारी व्यवस्था का सबसे ज्यादा फायदा गोपालकों को मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि अगर गोपालक सहकारी व्यवस्था के जरिए दूध बेचेंगे तो ₹35 की जगह ₹55 प्रति लीटर मिलने की शुरुआत हो सकती है।
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पशुओं की नस्ल सुधार पर जोर
अमित शाह ने पशुपालन और नस्ल सुधार से जुड़ी योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि भोपाल में 12 करोड़ रुपए की लागत से केंद्रीय प्रयोगशाला बनाई गई है। शिवपुरी में मिनी डेयरी प्लांट बनाने की योजना का भी उन्होंने जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि 50 एकड़ जमीन पर गोवंश और भैंस की नस्ल सुधार के लिए काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य देशी नस्लों को बढ़ावा देना और दूध उत्पादन बढ़ाना है।
सेक्स-शॉर्टेड सीमन तकनीक का जिक्र
शाह ने कहा कि सेक्स-शॉर्टेड सीमन तकनीक के इस्तेमाल से बछड़ी पैदा होने की संभावना बढ़ती है। उन्होंने इसे दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की दिशा में उपयोगी बताया।
उन्होंने मध्य प्रदेश में दूध उत्पादन को 50 लाख लीटर तक पहुंचाने के लक्ष्य की भी बात कही।
देशभर में बनेंगी 75 हजार नई डेयरियां
अमित शाह ने डेयरी सेक्टर के विस्तार को लेकर भी बड़ा लक्ष्य बताया। उन्होंने कहा कि भारत का डेयरी निर्यात 5 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।
उन्होंने बताया कि भारत से यूएई, बांग्लादेश, अमेरिका, सऊदी अरब और भूटान सहित कई देशों में डेयरी उत्पादों का निर्यात किया जा रहा है।
शाह ने कहा कि श्वेत क्रांति-2 के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में देशभर में 75 हजार नई डेयरियां बनाई जाएंगी। इसके अलावा 46 हजार मौजूदा डेयरियों को मजबूत किया जाएगा।
गोशालाओं के लिए ₹101 करोड़
गोपालक सम्मेलन में गोशालाओं के लिए 101 करोड़ रुपए की सहायता राशि देने की बात कही गई। कार्यक्रम में पशुपालन के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले गोपालकों को सम्मानित भी किया गया।
लखपति गोपालक दीदियों का सम्मान
लखपति गोपालक दीदी: शशिबाई, मनीषा मालवीय, ममताबाई मेवाड़ा, सुषमाबाई और आफरीन।
सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन: प्रीतिबाई दांगी, संदीप धाकड़ और राजेश धाकड़।
डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना: धीरज त्रिपाठी और रितु भार्गव।
सहकारिता मंत्रालय पर भी बोले शाह
अमित शाह ने कहा कि आजादी के बाद से अलग सहकारिता मंत्रालय की मांग लंबे समय से होती रही। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि 75 साल तक अलग सहकारिता मंत्रालय नहीं बनने दिया गया।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने अलग सहकारिता मंत्रालय बनाकर सहकारी क्षेत्र को आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया है। शाह के मुताबिक इसका फायदा ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले गोपालकों और किसानों को मिल सकता है।





