Gyanesh Kumar Protest: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। रविवार को मुंबई में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ नजर आए और दोनों नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया और SIR (Special Intensive Revision) को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। दोनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। वहीं, दिल्ली में भी आम आदमी पार्टी, यूथ कांग्रेस और छात्र संगठनों ने चुनाव आयोग और SIR के खिलाफ प्रदर्शन किया।
पिछले तीन दिनों में मुंबई और दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ तीन बड़े प्रदर्शन हो चुके हैं। वहीं, CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है।
उद्धव-राज ठाकरे ने निकाला संयुक्त मार्च
मुंबई में शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संयुक्त मार्च निकाला। बड़ी संख्या में दोनों दलों के कार्यकर्ता और समर्थक इसमें शामिल हुए। मार्च मेट्रो स्टेशन से शुरू होकर नगर निगम भवन तक पहुंचा। इस दौरान उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने चुनाव प्रक्रिया और SIR को लेकर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक पार्टी, व्यक्ति, जाति या धर्म की नहीं, बल्कि देश और उसकी आजादी के लिए है। वहीं, राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में SIR प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द करने और भविष्य में EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की।
Mumbai, Maharashtra: On protest against CEC Gyanesh Kumar, Shiv Sena (UBT) Chief Uddhav Thackeray says, “The reason for this is that this fight does not belong to any single party, individual, caste, or religion. Rather, this fight is for our country—that is, for our freedom. I remember, and you might remember too, that when Modi ji became Prime Minister for the first time, he made an announcement: “Make in India.” Remember? We agreed with that. But if a dictator is being made in our country under “Make in India,” then today we are standing here to crush and throw that dictator out of this country. We accept everything about Make in India. But if you are becoming a dictator under the name of Make in India, then consider your dictatorship destroyed by us…”
— IANS (@ians_india) October 4, 2026
मुंबई पुलिस के मुताबिक, बिना अनुमति मार्च निकालने को लेकर आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।
राज ठाकरे ने SIR रद्द करने की मांग की
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में चल रही SIR प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार जनता और मतदाताओं की पसंद से बननी चाहिए, न कि चुनाव आयोग के जरिए। राज ठाकरे ने दावा किया कि 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच महाराष्ट्र में 40 से 60 लाख मतदाता बढ़े, जबकि अब SIR के तहत करीब 2 करोड़ लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं।
राज ठाकरे ने सवाल किया कि आखिर ये 2 करोड़ लोग कौन हैं और उनके नाम हटाने का आधार क्या है। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि चुनाव प्रक्रिया और सत्ता के इस्तेमाल के तरीके को लेकर है। उन्होंने कहा कि SIR को पूरी तरह रद्द किया जाना चाहिए और जब इस मुद्दे पर दिल्ली में चर्चा हो तो सभी राजनीतिक दलों को इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। इसके साथ ही राज ठाकरे ने भविष्य में EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की भी मांग की।
आज, ४ ऑक्टोबर २०२६ रोजी मुंबईत महाराष्ट्रातील सर्वपक्षीय नेते, कार्यकर्ते आणि जनतेच्या सहभागातून लोकशाही व संविधानाच्या रक्षणासाठी अभूतपूर्व असा विशाल ‘गर्जना’ मोर्चा निघाला. यावेळी मोर्चासाठी मोठ्या संख्येने जमलेल्या लोकशाही आणि संविधानप्रेमी नागरिकांना संबोधित केलं.
• २०१७-२०१८ पासून राज ठाकरे तुम्हाला सांगत आलाय, यामध्ये चोऱ्या सुरू आहेत. त्यावेळी मी ममता बॅनर्जी, सोनिया गांधींसह अनेक नेत्यांना भेटून सांगितलं होतं निवडणुकांवर बहिष्कार टाका त्याशिवाय दूध का दूध, पानी का पानी होणार नाही!
• मी तेव्हा काय सांगत होतो ते सगळ्यांना आत्ता समजायला लागलं.
• २०२४ विधानसभा निवडणुकीत संपुर्ण बहुमत महायुतीला मिळाल्यानंतर संपूर्ण महाराष्ट्रात सन्नाटा होता हा कोणता विजय?
• २०२४ लोकसभेनंतर २०२४ विधानसभेपूर्वी महाराष्ट्रात ४० ते ६० लाख मतदार वाढवले गेले. असे कसे मतदार वाढले?
• लोकसभेच्या निवडणुकीत भाजपला २ कोटी ४४ लाख २७ हजार मतं मिळाली. त्यानंतर ६ महिन्यांनी झालेल्या विधानसभा निवडणुकीत भाजपला ३ कोटी १६ लाख १६ हजार मतं मिळाली.
• मला सत्ताधारी पक्षाला फक्त एवढंच सांगायचंय, तुम्ही सत्तेवर बसलात म्हणून आम्हाला राग नाही. तुम्ही सत्ता कशी राबवताय याबाबत आम्हाला राग आहे.
• कोणाला सत्तेत बसवायचं आणि कोणाला विरोधात बसवायचं हे या देशातील लोकांनी ठरवायचं, निवडणूक आयोगाने नाही.
• कोणताही राजकीय पक्ष जेव्हा सत्तेत बसतो तेव्हा त्याला सत्ता जाण्याची भिती असते. अशी कोणतीही भिती राज्य किंवा केंद्र सरकारमध्ये दिसत नाही.
• आपण चुकीचा घेतलेला निर्णय, चुकीचं राबवलेलं धोरण हे भविष्यात चुकीचा पायंडा पाडणार का?, याचा विचार देशातील प्रत्येक राजकीय पक्षाने केला पाहिजे.
• आज सर्व विरोधी पक्ष व्यासपीठावर आहेत. सत्तेतले जे पक्ष आज व्यासपीठावर नाहीत त्यांनीही विचार करायला हवा, जेव्हा उद्या तुम्ही सत्तेतून जाल आणि तुम्ही आज जे करताय ते दामदुपटीने तुम्हाला भोगावं लागेल तेव्हा काय कराल?
• महाराष्ट्रात आजपर्यंत जी SIR प्रक्रिया झाली ती संपूर्णपणे रद्द झाली पाहिजे.
• आत्तापर्यंत SIR मधून २ कोटी लोकं बाहेर काढलेत हे २ कोटी लोकं कोण आहेत? जेव्हा दिल्लीत याबाबत चर्चा होईल त्यावेळी SIR रद्द झाला पाहिजे ही मागणी करावी अशी माझी सर्व राजकीय पक्षांना विनंती आहे.
• यापुढील सर्व निवडणुकांमध्ये EVM मशीच्या ऐवजी बॅलेटपेपरवर मतदान झालं पाहिजे ही आजच्या या मोर्चामधून मी मागणी करत आहे.
— Raj Thackeray (@RajThackeray) October 4, 2026
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उद्धव ठाकरे बोले- ‘BJP का हथियार हैं ज्ञानेश कुमार’
उद्धव ठाकरे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को ‘BJP का हथियार’ बताया। उन्होंने कहा कि सवाल केवल मौजूदा चुनाव आयोग पर नहीं, बल्कि मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया पर भी उठता है।
उद्धव ठाकरे ने दावा किया कि करोड़ों नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु का भी जिक्र किया।
उन्होंने नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले चयन समिति में CJI, प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता शामिल होते थे। उनके मुताबिक, बाद में CJI को हटा दिया गया और प्रधानमंत्री की पसंद के केंद्रीय मंत्री को समिति में शामिल किया गया।
अनिल देशमुख ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग, खासकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, उनके साथ काम करने वाले दोनों चुनाव आयुक्तों ने बेनकाब कर दिया है। उन्होंने बताया है कि चुनाव आयोग किस तरह काम कर रहा है और इस संबंध में सरकार को लिखित शिकायत भी दी है। हालांकि, सरकार ने उस शिकायत को दबा दिया। जब यह मामला अखबारों में सामने आया, तब जनता को इसकी जानकारी हुई, जिसके बाद पूरे देश में आक्रोश देखने को मिला।”
Pune, Maharashtra: Former Maharashtra Home Minister Anil Deshmukh says, “The Election Commission, particularly Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar, has been exposed by the two commissioners who work with him. They have revealed how the Election Commission is functioning and have submitted a written complaint to the government. However, the government suppressed that complaint. When the matter was reported in newspapers, the public came to know about it, leading to widespread anger across the country….”
— IANS (@ians_india) October 4, 2026
उदित राज ने ज्ञानेश कुमार पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस नेता उदित राज ने ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “वह बेहद भ्रष्ट अधिकारी रहे हैं… इसके अलावा करीब 92 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताएं भी पाई गई थीं। इसलिए यह व्यक्ति शुरू से ही भ्रष्ट रहा है।”
उदित राज ने आगे कहा कि उन्हें इस बात पर भी संदेह है कि ज्ञानेश कुमार की बेटियों, जो IAS और IRS में हैं, उनका चयन निष्पक्ष तरीके से हुआ था या नहीं। उन्होंने इंटरव्यू और लिखित परीक्षा में भी किसी तरह की हेरफेर की आशंका जताई।
Delhi: On CEC Gyanesh Kumar, Congress leader Udit Raj says, “He has been a highly corrupt official… Apart from this, financial irregularities of around ₹92 crore were also found. So this man has been corrupt right from the beginning. Now I even have doubts about whether his daughters, who are in the IAS and IRS, actually got selected through fair means, or if he manipulated things in the interview or written examination as well…”
— IANS (@ians_india) October 4, 2026
महेश सावंत ने कहा- ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा दे देना चाहिए
शिवसेना (UBT) विधायक महेश सावंत ने कहा, “शिवसेना और मनसे के कार्यकर्ता आए हैं और आम जनता भी इस प्रदर्शन में शामिल हुई है। सभी लोग ज्ञानेश कुमार ने लोकतंत्र के साथ जो किया है, उसके खिलाफ प्रदर्शन करने आए हैं। अगर उनमें जरा भी शर्म बची है, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।”
Mumbai, Maharashtra: On the SIR controversy, Shiv Sena (UBT) MLA Mahesh Sawant says, “Shiv Sena and MNS workers have come, and the general public has also joined the protest. Everyone has come to protest against what Gyanesh Kumar has done to democracy. If he has even a little shame, he should resign.”
— IANS (@ians_india) October 4, 2026
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SIR पर चुनाव आयुक्तों की आपत्ति का दावा
SIR को लेकर इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट का भी हवाला दिया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार रिकॉर्ड पर आपत्ति जताई थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कुछ फैसले और आदेश उनकी जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए।
इसी को लेकर विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
दिल्ली में भी प्रदर्शन, ‘Reclaim Jantar Mantar’ मार्च
दिल्ली में भी चुनाव आयोग और SIR के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुआ। यूथ कांग्रेस (IYC) ने ‘Reclaim Jantar Mantar’ मार्च का आयोजन किया। IYC अध्यक्ष उदय भानु के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता जंतर-मंतर की ओर बढ़े।
प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर के आसपास भारी बैरिकेडिंग की गई और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर को चारों तरफ से घेर दिया गया है।
IYC ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। पोस्ट में कहा गया कि जंतर-मंतर किसी की निजी जगह नहीं है और सवाल किया गया कि ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए सरकार किस हद तक जाएगी।
IYC का Reclaim Jantar Mantar मार्च 🔥
जंतर मंतर को चारों तरफ से अमित शाह की पुलिस ने बैरिकेडिंग और हज़ारों जवानों की बदौलत घेरा हुआ है। IYC अध्यक्ष @UdayBhanuIYC के नेतृत्व ने सैकड़ों कार्यकर्ता जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे है।
अमित शाह जी, जंतर मंतर किसी के बाप का नही, ज्ञानेश को बचाने के लिए किस हद तक गिरोगे?
— Indian Youth Congress (@IYC) October 4, 2026
CJP का 10 अक्टूबर को दिल्ली मार्च का ऐलान
इस बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 2 अक्टूबर को ऐलान किया कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो 10 अक्टूबर को देशभर से ‘कॉकरोच’ दिल्ली पहुंचेंगे।
उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली पुलिस प्रदर्शनकारियों को रोकती है तो जहां उन्हें रोका जाएगा, वहीं उनका जंतर-मंतर होगा। अभिजीत दीपके ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण होगा और गांधी के रास्ते पर चलकर किया जाएगा।
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