India Reaction on Gilgit Baltistan Election: पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में 7 जून को होने जा रहे विधानसभा चुनावों को लेकर भारत ने कड़ा विरोध जताया है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान जिस क्षेत्र पर अवैध और जबरन कब्जा किए हुए है, वहां चुनाव कराने से उसके दावे को कोई वैधता नहीं मिलेगी।
भारत ने दोहराया कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, जिसमें गिलगित-बाल्टिस्तान भी शामिल है, भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, पाकिस्तान को इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की राजनीतिक प्रक्रिया चलाने का कोई अधिकार नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि चुनाव जैसी गतिविधियां जमीन पर मौजूद वास्तविक स्थिति को नहीं बदल सकतीं और न ही पाकिस्तान के अवैध कब्जे को वैध बना सकती हैं।
7 जून को 24 सीटों पर मतदान
गिलगित-बाल्टिस्तान में रविवार, 7 जून को 10 जिलों की 24 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। यह क्षेत्र भारत के केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का हिस्सा माना जाता है, लेकिन वर्तमान में पाकिस्तान के कब्जे में है। इसी वजह से भारत वहां होने वाले हर चुनाव और राजनीतिक गतिविधि पर लगातार आपत्ति दर्ज कराता रहा है।
साढ़े पांच साल बाद हो रहे चुनाव
गिलगित-बाल्टिस्तान में इससे पहले नवंबर 2020 में विधानसभा चुनाव हुए थे, जिनमें पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने जीत दर्ज की थी। विधानसभा का पांच वर्षीय कार्यकाल नवंबर 2025 में पूरा हो गया था, लेकिन खराब मौसम और प्रशासनिक कारणों के चलते चुनाव समय पर नहीं हो सके। भारी बर्फबारी के कारण कई क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित रही, जिसके बाद मतदान की नई तारीख 7 जून 2026 तय की गई।
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2018 व्यवस्था के तहत दूसरा चुनाव
गिलगित-बाल्टिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) की प्रशासनिक व्यवस्था अलग-अलग है। पाकिस्तान ने 2009 में पहली बार यहां स्थानीय विधानसभा और सरकार की व्यवस्था लागू की थी। इसके बाद 2018 में नया प्रशासनिक आदेश लागू किया गया, जिसके तहत स्थानीय सरकार को कुछ अतिरिक्त अधिकार दिए गए। 7 जून को होने वाला चुनाव इसी व्यवस्था के तहत दूसरा चुनाव होगा।
PoK में भी जुलाई में होंगे चुनाव
गिलगित-बाल्टिस्तान के बाद 27 जुलाई को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में भी विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। वहां की विधानसभा में कुल 53 सीटें हैं, जिनमें 45 सीटों पर सीधे चुनाव होते हैं। 2021 में हुए चुनावों में PTI ने बहुमत हासिल किया था, लेकिन बाद में राजनीतिक अस्थिरता, नेतृत्व परिवर्तन और महंगाई को लेकर बड़े विरोध प्रदर्शनों ने वहां की राजनीति को प्रभावित किया।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 24 सीटें आरक्षित
2019 में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन के बाद बने नए परिसीमन ढांचे के तहत जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 24 सीटें पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान के लिए आरक्षित रखी गई हैं। चूंकि ये क्षेत्र वर्तमान में पाकिस्तान के नियंत्रण में हैं, इसलिए इन सीटों पर चुनाव नहीं कराए जाते और इन्हें खाली रखा जाता है।
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