Lockdown in India: ईरान-इजराइल युद्ध और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील के बाद देशभर में लॉकडाउन और ईंधन संकट को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ किया है कि देश में फिलहाल लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है और पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है।
भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के वार्षिक व्यापार सम्मेलन में बोलते हुए हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत के पास पर्याप्त ईंधन भंडार मौजूद है। उन्होंने बताया कि देश के पास लगभग 69 दिनों का कच्चे तेल और LNG का स्टॉक है, जबकि 45 दिनों का LPG भंडार सुरक्षित रखा गया है।
LPG उत्पादन में बड़ा इजाफा
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को देखते हुए सरकार ने LPG उत्पादन भी तेजी से बढ़ाया है। पेट्रोलियम मंत्री के अनुसार, LPG उत्पादन को 35-36 हजार टन प्रतिदिन से बढ़ाकर 54 हजार टन प्रतिदिन कर दिया गया है ताकि आम लोगों को किसी तरह की दिक्कत न हो।
उन्होंने कहा कि सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
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पीएम मोदी की अपील का क्या मतलब?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में लोगों से ईंधन का विवेकपूर्ण इस्तेमाल करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि लोग जहां संभव हो वहां “वर्क फ्रॉम होम” अपनाएं, कारपूलिंग करें, मेट्रो और रेलवे सेवाओं का ज्यादा इस्तेमाल करें तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दें।
इसके अलावा प्रधानमंत्री ने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए एक साल तक सोने की खरीद टालने और विदेश यात्राएं कम करने की भी सलाह दी थी।
हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री की यह अपील किसी संभावित लॉकडाउन का संकेत नहीं, बल्कि वैश्विक संकट के बीच आर्थिक दबाव को कम करने और संसाधनों के संतुलित उपयोग का संदेश है।
क्यों बढ़ी चिंता?
ईरान युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। इसके कारण वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय संकट का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
यही वजह है कि केंद्र सरकार लोगों से ईंधन बचाने और विदेशी मुद्रा संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
सरकार ने क्या-क्या सलाह दी?
- पेट्रोल-डीजल की खपत कम करें।
- जहां संभव हो “वर्क फ्रॉम होम” अपनाएं।
- मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें।
- कारपूलिंग को बढ़ावा दें।
- इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाएं।
- पार्सल ट्रांसपोर्ट के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग करें।
- सोने की खरीद और विदेश यात्राएं टालें।
फिलहाल सरकार की ओर से साफ संदेश दिया गया है कि देश में ईंधन संकट या लॉकडाउन जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन वैश्विक हालात को देखते हुए संसाधनों के समझदारी से उपयोग की जरूरत है।
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