Trump Warns Iran Attack: अमेरिका और ईरान के बीच कुछ समय के लिए लागू रहा सीजफायर अब समाप्त हो गया है। इसके साथ ही पश्चिम एशिया में एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को NATO समिट के दौरान संकेत दिया कि अमेरिका बुधवार रात ईरान के खिलाफ एक और बड़ा सैन्य अभियान चला सकता है। ट्रंप ने कहा कि यदि हालात में सुधार नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान के रणनीतिक ठिकानों को दोबारा निशाना बनाएगा।
इससे पहले अमेरिकी सेना ने मंगलवार देर रात ईरान के 80 से अधिक सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई।
ट्रंप बोले- जरूरत पड़ी तो आज रात फिर करेंगे हमला
NATO समिट में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने पिछली रात ईरान पर बेहद प्रभावी हमला किया था और यदि आवश्यक हुआ तो बुधवार रात भी सैन्य कार्रवाई दोहराई जाएगी। उन्होंने कहा कि ईरान लंबे समय से पूरे पश्चिम एशिया में दबाव और अस्थिरता पैदा करता रहा है, लेकिन अब अमेरिका इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।
NOW: President Trump warns the U.S. could completely dismantle Iran’s electrical grid, bridges, and desalinization plants in a single day while also saying America’s military may take over the regime’s primary oil hub at Kharg Island.
“We’re not attacking at the highest level.… pic.twitter.com/dyTEEhpZsv
— Fox News (@FoxNews) July 8, 2026
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि अब वह ईरान के साथ किसी नए समझौते या परमाणु डील के पक्ष में नहीं हैं।
होर्मुज स्टेट में जहाजों पर हमले के बाद अमेरिकी कार्रवाई
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ शक्तिशाली सैन्य हमलों का सिलसिला शुरू कर दिया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में निर्दोष नागरिकों के चालक दल वाले व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाने और उन पर हमला करने की ईरानी कार्रवाई की भारी कीमत चुकानी पड़े।
CENTCOM के अनुसार, यह सैन्य कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन व्यावसायिक जहाजों पर ईरान द्वारा किए गए हमलों के जवाब में की गई। अमेरिका का कहना है कि ईरान की यह आक्रामक कार्रवाई बिना किसी उकसावे के, बेहद खतरनाक और सीजफायर का स्पष्ट उल्लंघन है।
U.S. Central Command forces have begun launching a series of powerful strikes against Iran to impose heavy costs for targeting and attacking commercial shipping crewed by innocent civilians in an international waterway. The U.S. strikes are in response to Iranian attacks on three…
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 7, 2026
CENTCOM के मुताबिक, ईरान ने मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाया। ईरान का दावा है कि इन जहाजों ने उसके द्वारा निर्धारित समुद्री मार्ग का पालन नहीं किया था, इसलिए कार्रवाई की गई।
इसी घटना के जवाब में अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के 80 से अधिक सैन्य ठिकानों पर एक साथ एयरस्ट्राइक की। इन हमलों में कई सैन्य ठिकानों, मिसाइल लॉन्च साइटों और रणनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया।
मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने बढ़ाई सैन्य मौजूदगी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि इस समय मध्य-पूर्व के अलग-अलग समुद्री क्षेत्रों में अमेरिकी नौसेना के 20 से अधिक युद्धपोत तैनात हैं। इन युद्धपोतों का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और क्षेत्र में किसी भी संभावित खतरे का तुरंत जवाब देना है।
Today, more than 20 U.S. Navy warships are patrolling waters across the Middle East as CENTCOM forces continue promoting regional security and stability. Last month, U.S. naval warships and aircraft transited the Arabian Sea in close formation, demonstrating unmatched American… pic.twitter.com/gnfRIKAYJl
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 8, 2026
CENTCOM ने कहा कि अमेरिकी सेना अपने सहयोगी देशों और वैश्विक व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।
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ट्रंप की धमकी पर ईरान का कड़ा जवाब
ट्रंप द्वारा ईरान के सबसे बड़े तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप को निशाना बनाने की चेतावनी के बाद ईरान ने भी सख्त प्रतिक्रिया दी है।
ईरान के पूर्व विदेश मंत्री अली अकबर वेलायती ने कहा कि ईरान हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और यदि हमला हुआ तो क्षेत्र में मौजूद अपने दुश्मनों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करेगा।
वहीं, ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिका यदि युद्ध चाहता है तो ईरान भी पूरी तैयारी के साथ उसका सामना करेगा।
भारत ने जताई चिंता, सभी पक्षों से संयम की अपील
भारत सरकार ने पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते हालात पर चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि लगातार हो रहे सैन्य हमलों से क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता पर गंभीर असर पड़ सकता है।
Our statement on recent developments in West Asia ⬇️
🔗 https://t.co/rWqcGzeW2M pic.twitter.com/wqhZBuZ3Pv
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) July 8, 2026
भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील की है। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक व्यापार किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होना चाहिए।
ट्रंप बोले- तेल की कीमतों पर पड़ेगा असर
राष्ट्रपति ट्रंप ने स्वीकार किया कि ईरान पर अमेरिकी हमलों का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि जब भी ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई होती है, कच्चे तेल की कीमतों में करीब दो डॉलर प्रति बैरल तक की बढ़ोतरी देखने को मिलती है।
ईरान के रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाने की चेतावनी
ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान अपनी गतिविधियां नहीं रोकता है तो अमेरिका उसके बिजली संयंत्रों, सैन्य ढांचे और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को भी निशाना बना सकता है।
उन्होंने दावा किया कि मंगलवार रात खार्ग द्वीप के आसपास भी अमेरिकी कार्रवाई की गई थी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सेना को तेल पाइपलाइन जैसी महत्वपूर्ण ऊर्जा संरचनाओं को नुकसान न पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
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फ्रांस ने ईरान को बताया समझौते का उल्लंघनकर्ता
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर ईरान के हमले दोनों देशों के बीच हुए अंतरिम समझौते का उल्लंघन हैं। उन्होंने इसे ईरान की बड़ी गलती बताया, हालांकि उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत पूरी तरह समाप्त नहीं होगी।
ईरानी नेतृत्व ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालीबाफ ने कहा कि ट्रंप के बयानों का जवाब उचित समय पर दिया जाएगा। वहीं राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिकी धमकियों की निंदा करते हुए कहा कि ईरान किसी भी दबाव में नहीं झुकेगा।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी अमेरिकी हमलों को अंतरराष्ट्रीय समझौतों का उल्लंघन बताते हुए कहा कि इस कार्रवाई से भविष्य की वार्ताओं पर गंभीर असर पड़ेगा।
IRGC का दावा- बहरीन और कुवैत में 85 ठिकानों पर हमला
अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में लगभग 85 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
IRGC के अनुसार इन ठिकानों में बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय और कुवैत का अली अल सलेम एयर बेस भी शामिल हैं। ईरान ने कहा कि यदि अमेरिका अपने हमले जारी रखता है तो जवाबी कार्रवाई और तेज की जाएगी।
बढ़ सकता है क्षेत्रीय तनाव
सीजफायर समाप्त होने और दोनों देशों की ओर से लगातार आ रही सैन्य चेतावनियों ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों पक्ष जल्द कूटनीतिक समाधान नहीं तलाशते हैं तो यह संघर्ष क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है, जिसका असर वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।
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