Iran Claims Downing US Drone: ईरान ने दावा किया है कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया है। ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, बुधवार को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की एयर डिफेंस यूनिट ने ड्रोन का पता लगाकर उसे इंटरसेप्ट किया और नष्ट कर दिया। हालांकि, अमेरिका ने अब तक इस दावे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
This footage shows the moment an MQ9 drone was tracked, intercepted, and destroyed by the IRGC’s cutting-edge defense system, fully integrated into the country’s unified air defense network, in the early morning hours of Wednesday. pic.twitter.com/xth24oOMUj
— IRNA News Agency ☫ (@IrnaEnglish) July 9, 2026
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका को चेतावनी
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह होर्मुज स्ट्रेट में दखल न दे। ईरान का कहना है कि यदि अमेरिकी हमले जारी रहे तो इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर सामान्य आवाजाही बहाल नहीं हो पाएगी, जिससे कई देशों की अर्थव्यवस्था और वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
अमेरिका का दावा- 170 से ज्यादा ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले
दूसरी ओर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया है कि उसने मंगलवार और बुधवार को 170 से अधिक ईरानी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। अमेरिकी सेना के मुताबिक इन हमलों में एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन भंडार, सैन्य स्पीड बोट और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास मौजूद सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
बुशहर, कोनारक और सीरिक में धमाके
गुरुवार को ईरान के दक्षिणी हिस्से में स्थित बुशहर, कोनारक और सीरिक समेत कई इलाकों में विस्फोट हुए। सरकारी मीडिया के अनुसार, बुशहर परमाणु संयंत्र के आसपास भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
ईरान ने इन विस्फोटों के लिए “दुश्मन” को जिम्मेदार ठहराया, लेकिन किसी देश का नाम नहीं लिया। वहीं एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि इन ताजा हमलों में अमेरिकी सेना शामिल नहीं थी और वॉशिंगटन अब भी तेहरान के साथ कूटनीतिक समाधान चाहता है।
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इजराइल पर संदेह
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन विस्फोटों के पीछे अमेरिका नहीं है, तो इनके पीछे इजराइल का हाथ हो सकता है। हालांकि, फिलहाल किसी भी देश ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है।
WSJ का दावा- ट्रंप को हत्या की साजिश की चेतावनी
अमेरिकी अखबार Wall Street Journal (WSJ) ने दावा किया है कि इजराइल ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुफिया जानकारी दी थी कि ईरान उनकी हत्या की योजना बना रहा है। वहीं CNN की रिपोर्ट के मुताबिक यह इनपुट ट्रम्प पर संभावित हमले से जुड़ा था।
हालांकि, अमेरिका और ईरान दोनों ने इन रिपोर्टों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हाल ही में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रम्प ने भी कहा था कि ईरान की “हिटलिस्ट” में उनका नाम सबसे ऊपर है और उन्हें लगातार सुरक्षा खतरा बना हुआ है।
लगातार दो दिन हमलों के बाद अमेरिका रुका
लगातार दो दिनों तक बड़े पैमाने पर हमले करने के बाद गुरुवार को अमेरिका ने कोई नई एयरस्ट्राइक नहीं की। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन अब तनाव कम करने और परमाणु मुद्दे पर बातचीत की संभावनाएं खुली रखने की कोशिश कर रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, कतर, पाकिस्तान और अन्य क्षेत्रीय देशों की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच कई दौर की बातचीत हुई है। दोनों पक्ष पहले तनाव कम करने और फिर तकनीकी स्तर पर परमाणु वार्ता दोबारा शुरू करने की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं।
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