Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गाजियाबाद में मेरठ की बीए छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मुलाकात की। PWD गेस्ट हाउस में करीब आधे घंटे तक चली इस मुलाकात में मुख्यमंत्री ने परिवार को भरोसा दिलाया कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार हर दोषी को कानून के दायरे में लाकर कठोर से कठोर सजा दिलाने के लिए पूरी गंभीरता से कार्रवाई कर रही है।
मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार के लिए 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इसके अलावा ललिता के पिता और चाचा को एक-एक मुख्यमंत्री आवास उपलब्ध कराने का भी ऐलान किया। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से मामले की जांच और अब तक हुई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी ली। साथ ही निर्देश दिया कि जांच में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ मजबूत सबूतों के साथ अदालत में प्रभावी पैरवी की जाए।
PHOTO | The family of Lalita Gautam from Meerut met Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath, who expressed deep sorrow over the incident and assured that those responsible would not be spared. Taking a strict stance, the Chief Minister directed action against any negligence… pic.twitter.com/SiZS1M0nnr
— Press Trust of India (@PTI_News) July 18, 2026
इससे पहले शनिवार सुबह प्रदेश सरकार में मंत्री और पूर्व IPS अधिकारी असीम अरुण मेरठ से ललिता गौतम के परिवार को लेकर गाजियाबाद पहुंचे थे, जहां मुख्यमंत्री ने उनसे मुलाकात की।
परिवार बोला- मुख्यमंत्री ने न्याय का भरोसा दिया
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद परिवार के सदस्य वेद प्रकाश ने कहा कि मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि इस मामले में शामिल कोई भी आरोपी बच नहीं पाएगा। जो आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और जो अभी फरार हैं, उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से मिलने के बाद परिवार को यह विश्वास हुआ है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और न्याय दिलाने में कोई कमी नहीं छोड़ेगी।
मुख्यमंत्री ने ललिता की हत्या पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए परिवार को ढांढस बंधाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ित परिवार को आयुष्मान भारत योजना, राशन कार्ड और अन्य सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ तत्काल उपलब्ध कराया जाए। साथ ही जिन अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने को कहा।
प्रदर्शन के बाद बढ़ा था मामला
ललिता गौतम हत्याकांड में कार्रवाई को लेकर नाराज परिजनों ने 8 जुलाई को मेरठ कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय मौके पर पहुंचे थे। आरोप है कि उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ अभद्र व्यवहार किया और कुछ लोगों को थप्पड़ भी मारे। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया। इस घटना के बाद मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गया और विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए।
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असीम अरुण बोले- सिर्फ सबूतों के आधार पर होगी कार्रवाई
जिले के प्रभारी मंत्री असीम अरुण ने कहा कि पुलिस ने मामले की जांच की थी, लेकिन परिवार जांच से संतुष्ट नहीं था, इसलिए उन्होंने प्रदर्शन किया। इसके बाद कानून-व्यवस्था से जुड़ा मामला भी दर्ज हुआ। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रकरण को बेहद गंभीरता से लिया है।
असीम अरुण ने कहा, “मुख्यमंत्री के निर्देश बिल्कुल स्पष्ट हैं कि कार्रवाई केवल साक्ष्यों के आधार पर होगी। सच सामने आना चाहिए, चाहे किसी का नाम आए या किसी को क्लीन चिट मिले। मामले की समीक्षा के बाद सभी तथ्यों और सबूतों का आकलन किया गया। इसी आधार पर निलंबित पीएसी कांस्टेबल अंकित को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।”
Meerut, Uttar Pradesh: Minister-in-Charge Aseem Arun, commenting on the Lalita Gautam murder case, says, “The police conducted an investigation into the matter, but the family was not satisfied with the findings and staged a protest, following which a law and order case was also… pic.twitter.com/QxIhlDFLYv
— IANS (@ians_india) July 17, 2026
अखिलेश यादव और चंद्रशेखर भी परिवार से मिल चुके हैं
मामले के तूल पकड़ने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी पीड़ित परिवार को दिल्ली बुलाकर मुलाकात की थी। उन्होंने करीब सवा घंटे तक परिवार से बातचीत की और 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का चेक सौंपा। अखिलेश ने परिवार को भरोसा दिया था कि दोषियों को सजा दिलाने की लड़ाई में वह उनके साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि भविष्य में उनकी सरकार बनने पर परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी।
आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद भी पीड़ित परिवार से मिल चुके हैं और उन्होंने भी मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की थी।
क्या है ललिता गौतम हत्याकांड?
मेरठ के टीपीनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली बीए तृतीय वर्ष की छात्रा ललिता गौतम 15 मई को परीक्षा देने के लिए घर से निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। परिजनों ने उसी दिन उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई। दो दिन बाद 17 मई को रोहटा थाना क्षेत्र के उकसिया गांव के एक गन्ने के खेत से ललिता का शव बरामद हुआ।
शव मिलने के बाद परिजनों ने गैंगरेप के बाद हत्या का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीन युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। जांच के दौरान मुख्य आरोपी अंकुश को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि उसकी ललिता से करीब तीन साल से दोस्ती थी। उसे शक था कि ललिता किसी दूसरे युवक से भी बात करती है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। पुलिस के अनुसार, इसी रंजिश में अंकुश ने अपने साथियों के साथ मिलकर ललिता की हत्या कर दी। बाद में इस मामले में अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पश्चिमी यूपी दौरे पर थे मुख्यमंत्री योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर हैं। शुक्रवार को उन्होंने शामली और बिजनौर के कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद गाजियाबाद पहुंचकर मुरादनगर और मोदीनगर विधानसभा क्षेत्रों में 868 करोड़ रुपए की लागत वाली 90 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने पूर्व कैबिनेट मंत्री राजपाल त्यागी की प्रतिमा का अनावरण भी किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा कर स्वागत करने के निर्देश दिए। शुक्रवार रात उन्होंने गाजियाबाद के मुरादनगर स्थित अपनी रिश्ते की बहन पुष्पा चौधरी के घर भी समय बिताया। वहां करीब 45 मिनट तक परिवार के साथ रहे, हालचाल जाना और बच्चों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। बाद में मुख्यमंत्री ने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में रात्रि विश्राम किया, जहां उनके लिए सादा भोजन परोसा गया
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