Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने फैजाबाद जिला कोर्ट में 73,480 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में CCTV फुटेज, मोबाइल चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, बैंक खातों और संपत्तियों की खरीद से जुड़े कई साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है।
अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की रकम चोरी होने का मामला 4 जून 2026 को सामने आया था। पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, काउंटिंग रूम में चढ़ावे की रकम की गिनती और छंटाई के दौरान एक कर्मचारी ने कुछ अन्य कर्मचारियों को नोटों की गड्डियां छिपाते हुए देख लिया था। कर्मचारी आनंद चौधरी ने इसकी जानकारी तत्कालीन ट्रस्ट महासचिव चंपत राय को दी और घटना का वीडियो भी भेजा।
वीडियो में कुछ कर्मचारी अपनी कमर में नोटों की गड्डियां छिपाते नजर आए। आनंद चौधरी ने आशंका जताई थी कि इस चोरी में करीब 67 कर्मचारी शामिल हो सकते हैं।
5 जून को चंपत राय ने देखा CCTV
चार्जशीट के अनुसार, घटना के दिन चंपत राय अयोध्या में नहीं थे। 5 जून को उन्होंने अनिल मिश्रा, गोपाल राव और डॉ. नरेंद्र के साथ CCTV फुटेज देखी। इसके बाद मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच शुरू की गई।
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान चढ़ावा चोरी से जुड़ी 105 घटनाएं CCTV कैमरों में रिकॉर्ड मिलीं। मामले में 173 गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए हैं।
पुलिस ने 8 आरोपियों के खिलाफ CCTV फुटेज, मोबाइल से मिले डिजिटल साक्ष्य, गवाहों के बयान, बैंक खातों में नकद जमा, संपत्ति खरीद और बरामदगी को साक्ष्य के तौर पर शामिल किया है।
चार्जशीट में सामने आए 10 बड़े खुलासे
1. गिनती और छंटाई करने वाले कर्मचारियों पर चोरी का आरोप
पुलिस की जांच के मुताबिक, चढ़ावे की रकम की गिनती और छंटाई में लगे कर्मचारियों पर ही चोरी का आरोप है। CCTV फुटेज को इस मामले में अहम साक्ष्य बताया गया है।
2. मोबाइल चैट में कैश के बंडल छिपाने की बातचीत
पुलिस के अनुसार, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला और लवकुश मिश्रा के मोबाइल फोन से मिले टेक्स्ट मैसेज में कैश के बंडल रखने, छिपाने, अदला-बदली करने और एक जगह से दूसरी जगह ले जाने से संबंधित बातचीत मिली। CDR में भी इनके बीच बातचीत के साक्ष्य मिलने की बात कही गई है।
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3. चोरी की रकम से संपत्ति खरीदने का दावा
पुलिस जांच में कई आरोपियों और उनके परिजनों के बैंक खातों में नकद जमा होने के साथ जमीन, मकान, कार, बाइक, कैमरा और आभूषण खरीदने की जानकारी सामने आने का दावा किया गया है। पुलिस ने इन संपत्तियों और खरीदारी को चोरी की रकम से जोड़ा है।
4. अविनाश शुक्ला CCTV में 89 बार दिखाई दिया
चार्जशीट के मुताबिक, अविनाश शुक्ला उर्फ सनी CCTV फुटेज में 85 बार खुद दान/चढ़ावे की रकम हटाते और 4 बार अन्य आरोपियों की मदद करते दिखाई दिया।
पुलिस ने उसकी निशानदेही पर 20.39 लाख रुपए, 4,424 अमेरिकी डॉलर, सोने-चांदी के आभूषण और बाद में ब्रेजा कार बरामद करने का दावा किया है।
5. लवकुश पर जमीन और मकान खरीदने का आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोपी लवकुश मिश्रा ने अपनी पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम 22.52 लाख रुपए की जमीन खरीदी। इस जमीन पर करीब 20.91 लाख रुपए खर्च कर मकान बनाने की बात भी चार्जशीट में कही गई है। CCTV में लवकुश चार बार रकम हटाते दिखाई देने का दावा है।
6. अनुकल्प के पिता के नाम 55 लाख का मकान
चार्जशीट के मुताबिक, अनुकल्प मिश्रा के पिता रविंद्र मिश्रा के नाम करीब 55 लाख रुपए का मकान खरीदा गया। पुलिस की जांच में मकान की खरीद के लिए करीब 29.5 लाख रुपए बैंक ट्रांसफर और 25 लाख रुपए नकद भुगतान की जानकारी सामने आने का दावा किया गया है।
7. करुणेश के परिवार के खातों में 78.55 लाख नकद
पुलिस के अनुसार, करुणेश पांडेय की पत्नी रूपा के SBI खाते में करीब 78.55 लाख रुपए नकद जमा होने की जानकारी मिली। उसके भाई के खातों में भी नकद जमा का विवरण मिलने की बात कही गई है।
CCTV के आधार पर पुलिस ने करुणेश को 2 बार खुद रकम हटाते और 68 बार अन्य आरोपियों की मदद करते हुए दिखाई देने का दावा किया है।
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8. रमाशंकर मिश्रा के परिवार के खातों में 20.93 लाख
चार्जशीट के अनुसार, रमाशंकर मिश्रा और उनके परिजनों के बैंक खातों में करीब 20.93 लाख रुपए नकद जमा किए गए। इसके अलावा 42 लाख रुपए का प्लॉट, 1.03 लाख रुपए का कैमरा और आभूषण खरीदने की जानकारी भी जांच में मिलने का दावा है।
9. रमाशंकर यादव की भूमिका सिर्फ रकम गिनने तक सीमित नहीं
पुलिस के मुताबिक, रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू लंबे समय से ट्रस्ट की दान/चढ़ावे की रकम की गिनती और उसे बैंक तक ले जाने की प्रक्रिया से जुड़ा था।
चार्जशीट में उसके खातों में 8.48 लाख रुपए जमा होने के साथ अर्टिगा कार, बुलेट मोटरसाइकिल और 9.50 लाख रुपए की संपत्ति मिलने का भी उल्लेख किया गया है।
10. चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव गवाह
पुलिस ने पूर्व ट्रस्ट महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और मंदिर के व्यवस्था प्रमुख रहे गोपाल राव को आरोपी नहीं, बल्कि गवाह बनाया है।
चार्जशीट में मंदिर से कीमती आभूषण गायब होने की बात को भी पुलिस ने खारिज किया है।
8 आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ था केस
चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद 25 जून को ट्रस्ट सदस्य कृष्णमोहन की तहरीर और SIT की संस्तुति पर आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इनमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, अविनाश शुक्ला और रिटायर्ड बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं।
पुलिस की चार्जशीट कुल 73,480 पन्नों की बताई गई है। इसके मुख्य बिंदु 59 पन्नों में हैं, जबकि बाकी दस्तावेजों में विवेचना से जुड़े साक्ष्य, आरोपियों और गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं।
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