Chardham Yatra 2026: चारधाम यात्रा के तीसरे दिन आज केदारनाथ धाम में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब बाबा केदार की पंचमुखी डोली धाम पहुंच गई। ओंकारेश्वर मंदिर से निकली इस डोली ने तीन दिनों में 57 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा पूरी की। बाबा के स्वागत के लिए यहां 6 से 8 हजार श्रद्धालु मौजूद रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्ति में डूब गया।
181 दिन बाद खुलेंगे मंदिर के कपाट
डोली के धाम पहुंचने के साथ ही अब कपाट खोलने की अंतिम तैयारियां शुरू हो गई हैं। बुधवार सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट 181 दिनों बाद खोले जाएंगे। यह पल हर साल लाखों भक्तों के लिए खास होता है, जब वे लंबी प्रतीक्षा के बाद बाबा केदार के दर्शन कर पाते हैं।

बद्रीनाथ धाम के लिए भी शुरू हुई प्रक्रिया
इसी बीच बद्रीनाथ धाम में भी कपाट खोलने की प्रक्रिया तेज हो गई है। नृसिंह मंदिर से आदि गुरु आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी और गरुड़ जी की डोली बद्रीनाथ के लिए रवाना हो चुकी है। सभी देव डोलियां पांडुकेश्वर में मिलेंगी, जहां रात्रि विश्राम के बाद 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे कपाट खोल दिए जाएंगे।
उखीमठ से शुरू हुई थी यात्रा
बाबा केदारनाथ की पंचमुखी डोली 19 अप्रैल को उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर से रवाना हुई थी। पहले दिन डोली फाटा पहुंची, जहां सेना के बैंड और स्कूली बच्चों के जयकारों के बीच भव्य स्वागत हुआ। दूसरे दिन डोली गौरीकुंड पहुंची और तीसरे दिन केदारनाथ धाम पहुंचकर यात्रा पूर्ण की।

6 महीने तक यहीं होती है शीतकालीन पूजा
कपाट बंद होने के बाद बाबा केदार की पूजा ओंकारेश्वर मंदिर में ही की जाती है। पिछले साल 23 अक्टूबर 2025 (भैया दूज) को केदारनाथ धाम के कपाट बंद हुए थे और 178 दिनों तक बाबा की पूजा उखीमठ में हुई।
श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह
इस साल भी चारधाम यात्रा को लेकर भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। 20 अप्रैल 2026 तक 21 लाख से ज्यादा लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। इनमें करीब 7 लाख श्रद्धालु केदारनाथ और 6 लाख बद्रीनाथ धाम के लिए पंजीकरण कर चुके हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम
बद्रीनाथ धाम में सुरक्षा को लेकर भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। एटीएस की तैनाती के साथ चमोली पुलिस पूरी तरह सतर्क है, ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।
गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट पहले ही खुले
चारधाम यात्रा की शुरुआत रविवार से हो चुकी है। गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट पहले ही श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं, जिससे अब पूरे उत्तराखंड में भक्ति और उत्सव का माहौल बना हुआ है।








