Delhi Assembly Security Breach: राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। सोमवार दोपहर करीब 2 बजे दिल्ली विधानसभा परिसर में एक अज्ञात कार घुस गई। कार ने गेट नंबर-2 की बैरिकेडिंग तोड़ते कर विधान परिसर के अंदर घुस गई, जिससे मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई। यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब विधानसभा पहले से ही सुरक्षा अलर्ट पर थी।
स्पीकर ऑफिस तक पहुंचा ड्राइवर, गुलदस्ता रखकर फरार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार चला रहा व्यक्ति नकाबपोश था, जो अंदर घुसने के बाद सीधे विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के कार्यालय की ओर बढ़ा। चौंकाने वाली बात यह रही कि वह बिना रोके स्पीकर ऑफिस के बरामदे तक पहुंच गया।
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ड्राइवर ने वहां एक फूलों का गुलदस्ता रखा और तुरंत मौके से फरार हो गया। शुरुआती जांच में गुलदस्ते में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
UP नंबर की कार, CCTV खंगाल रही पुलिस
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, विधानसभा में घुसने वाली कार उत्तर प्रदेश नंबर (UP-26 AZ 8090) की है। गेट तोड़ने के दौरान लोहे की बैरिकेडिंग को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे यह स्पष्ट है कि घुसपैठ अचानक नहीं बल्कि पूरी ताकत के साथ की गई।
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फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। CCTV फुटेज की गहन जांच की जा रही है, ताकि नकाबपोश ड्राइवर की पहचान की जा सके। साथ ही कार के मालिक, उसकी मूवमेंट और उससे जुड़े संभावित नेटवर्क की भी पड़ताल हो रही है। अधिकारियों ने इस घटना को साफ तौर पर गंभीर सिक्योरिटी ब्रीच माना है।
बम धमकी के बाद भी चूक, बढ़ी चिंता
गौर करने वाली बात यह है कि हाल ही में विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। इसके बाद सुरक्षा को और कड़ा किया गया था, लेकिन इसके बावजूद इस तरह की घटना सामने आना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। VIP एरिया में इतनी बड़ी चूक ने सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है।
20 अगस्त 2025: जनसुनवाई में CM रेखा गुप्ता पर हमला
यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली में वीआईपी सुरक्षा पर सवाल उठे हों। 20 अगस्त 2025 को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर जनसुनवाई के दौरान हमला हुआ था।
आरोपी राजेशभाई खीमजी शिकायतकर्ता बनकर पहुंचा था। उसने पहले मुख्यमंत्री का हाथ खींचा, फिर बाल पकड़कर थप्पड़ मार दिया, जिससे उन्हें हाथ, कंधे और सिर पर चोटें आई थीं। आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया था और उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज थे।
सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि राजधानी के संवेदनशील और हाई-सिक्योरिटी क्षेत्रों में भी सुरक्षा व्यवस्था में खामियां मौजूद हैं। अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह सिर्फ एक सनसनी फैलाने की कोशिश थी या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी है।







