DRDO TARA Weapon System: भारत ने अपने स्वदेशी ग्लाइड हथियार प्रणाली की पहली उड़ान सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और भारतीय वायु सेना ने गुरुवार को ओडिशा तट पर इसका पहला उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक किया। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि टैक्टिकल एडवांस्ड रेंज ऑग्मेंटेशन (TARA) एक्सटेंशन किट अन-गाइडेड वॉरहेड को उच्च-सटीकता वाले गाइडेड हथियारों में बदलने में सक्षम है।
हैदराबाद स्थित रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) द्वारा अन्य DRDO प्रयोगशालाओं के साथ मिलकर विकसित की गई TARA किट जमीन पर मौजूद लक्ष्यों पर हमला करने के लिए कम लागत वाले हथियारों की मारक क्षमता और सटीकता बढ़ाने में सक्षम है। DRDO ने बताया कि भारतीय सशस्त्र बलों के लिए इन किटों का उत्पादन पहले ही शुरू हो चुका है।
ऐसी किट सामान्य अन-गाइडेड बमों के साथ लगाई जाती हैं, ताकि हथियार को उसके लक्ष्य तक सटीक रूप से पहुंचाया जा सके। ये किट दूर से हमला करने में सक्षम बनाती हैं, जिससे लड़ाकू विमानों के लिए खतरा काफी कम हो जाता है।
रूस, अमेरिका, चीन, पाकिस्तान, इजराइल और फ्रांस जैसे देशों के पास पहले से ही इस तरह की किट मौजूद हैं। इजराइली वायु सेना सक्रिय रूप से SPICE (Smart, Precise-Impact and Cost-Effective) किट का इस्तेमाल कर रही है, जो हवा से गिराए गए अन-गाइडेड वॉरहेड को सटीक-निर्देशित बम में बदल देती है।
दिसंबर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली भारत की रक्षा अधिग्रहण परिषद ने 8.7 अरब डॉलर के रक्षा उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी थी, जिसमें SPICE किट का सौदा भी शामिल था। गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर में भी ब्रह्मोस मिसाइल के अलावा SPICE बमों का इस्तेमाल किया गया था।
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