Assembly Election Results 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना के बीच दार्जिलिंग जिले की ऐतिहासिक माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी सीट एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में है। शुरुआती रुझानों में इस सीट पर बड़ा सियासी बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां भाजपा प्रत्याशी आनंदमय बर्मन मजबूत बढ़त बनाए हुए हैं।
नक्सलबाड़ी, जिसे भारत में 1967 के नक्सलवादी आंदोलन की जन्मभूमि के रूप में जाना जाता है, लंबे समय तक वामपंथी राजनीति का गढ़ रहा है। लेकिन समय के साथ यहां का राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदलता नजर आ रहा है।
लाल गढ़ से भगवा तक का सफर
कभी वामपंथ और कांग्रेस के प्रभाव वाली इस सीट पर पिछले एक दशक में भाजपा ने अपनी पकड़ मजबूत की है। 2011 और 2016 तक यह क्षेत्र कांग्रेस का प्रभावशाली केंद्र माना जाता था, जहां शंकर मालाकार प्रमुख चेहरा थे।
हालांकि 2021 के चुनाव में भाजपा के आनंदमय बर्मन ने बड़ी जीत दर्ज कर राजनीतिक संतुलन बदल दिया था। अब एक बार फिर रुझानों में उनकी बढ़त ने इस सीट पर भाजपा के प्रभाव को और मजबूत संकेत दिया है।
राजनीतिक संदेश और बदलता जनादेश
नक्सलबाड़ी जैसे ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में यह बदलाव सिर्फ एक चुनावी नतीजा नहीं, बल्कि बदलते जनादेश का संकेत माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर मतदाताओं के रुझान में आए इस परिवर्तन ने पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों को चुनौती दी है।
नतीजों पर टिकी नजरें
हालांकि अंतिम परिणाम अभी घोषित नहीं हुए हैं, लेकिन शुरुआती रुझानों ने यह साफ कर दिया है कि नक्सलबाड़ी की सियासत एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। आने वाले घंटों में तस्वीर और स्पष्ट होगी कि यह बढ़त निर्णायक साबित होती है या मुकाबला और आगे खिंचता है।






