Undersea cable cut Middle East: भारत समेत पुर्वी एशिया में इंटरनेट सेवाएं प्रभावित होती दिख रही हैं। आलम ये है की आम लोगों के मोबाइल में मौजूद इंटरनेट दिन में कई कई बार काम करना बंद कर दे रहा है। आम लोगों को समझ में नहीं आ रहा की ये इंटरनेट मोबाइल कंपनियों की वजह से ठीक से काम नहीं कर रहा या वजह कोई और है ।
दुनिया आज ग्लोबल नेटवर्क इंटरनेट से एक दुसरे से जुड़ी हुई है। जिसके लिए पूरे विश्व में ग्लोबल नेटवर्क चलाने के लिए के बलों का जाल पृथ्वी के चारों ओर पहुंचाया गया है। गूगल सर्च इंजन से लेकर माइक्रोसॉफ्ट और याहु जैसी इंटरनेट प्रदाता कंपनियों ने ये जाल समुद्र के भीतर से लेकर उपर तक अपने हैडक्वाटरों को जोड़े हुए है जो मोबाइल सर्विस प्रदाता कंपनियों को इंटरनेट की सेवा प्रदान करती हैं।
इजरायल-हमास के जंग के बीच हूती विद्रोहियों ने वैश्विक चेतावनी जारी करते हुए धमकी दी थी की अगर इजरायल हमास के खिलाफ जंग जारी रखता है तो वे अरब सागर में उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाले ग्लोबल नेटवर्क की तारों को काट सकते हैं।
इजरायल-अमेरिका-ईरान-हिजबुल्लाह जंग हार्मुज पर कब्जे को लेकर है। ईरान ने दावा किया है कि हार्मुज पर नियंत्रण को लेकर अगर अमेरिका और इजरायल आगे बढ़ते हैं तो वे अरब सागर से गुजर रही ग्लोबल नेटवर्क केबल को काट सकते हैं।
अमेरिका और इजरायल के लगातार ईरान पर हमलों को लेकर ईरान पिछे हटने को तैयार नहीं है जंग के एक महीना बीत जाने के बाद भी ईरान इजरायल पर लगातार ड्रोन हमले जारी रखे हुए है। ऐसे में आने वाले समय में इंटरनेट की धीमी रफ्तार आईटी आधारित कंपनियों की रफ्तार पर ब्रेक लगा सकती हैं।






