IMF Announcement: वैश्विक स्तर पर चल रही जंगों के बीच भारत को लेकर बड़ा ऐलान IMF ने किया है। 15 अप्रैल 2026 को वॉशिंगटन में IMF-वर्ल्ड बैंक की स्प्रिंग मीटिंग चल रही थीं। इसमें 192 देशों के वित्त मंत्री और सेंट्रल बैंक गवर्नर की मौजूद में IMF की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टलीना जॉर्जिएवा ने भारत को लेकर बड़ा ऐलान किया है।
IMF की मैनेजिंग डायरेक्टर ने कहा है कि ग्लोबल ग्रोथ अब 3% रह गई है, पर भारत 6.5% से बढ़ रहा है। यानी दुनिया से दोगुनी रफ्तार से भारत आज “ग्लोबल इकनॉमी की अगुवाई कर रहा है” और कोविड से पहले की रफ्तार पर लौट आया है, जबकि दुनिया अभी भी झटकों से उबर रही है।
IMF ने आंकड़े भी जारी किए
2026 का ग्रोथ फोरकास्ट IMF ने 14 अप्रैल 2026 को वर्ल्ड इकोनॉमिक्स आउटलुक में बताया कि 2026 GDP ग्रोथ भारत 6.5%, दुनिया का औसत 3.1%, US2.3% , चीन4.4%, जर्मनी 0.8%, UK0.8%5 यानी भारत की रफ्तार वाकई ग्लोबल औसत से दोगुनी से ज्यादा है। IMF ने भारत को “प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाली इकनॉमी” कहा है।
इतनी ग्रोथ क्यों?
IMF के 3 कारण 2025 का मजबूत प्रदर्शन: घरेलू मांग और कामकाजी आबादी का फायदा US टैरिफ में कटौती: भारतीय सामान पर US ने टैरिफ 50% से घटाकर 10% किया, जिससे एक्सपोर्ट को बूस्ट मिलाडिजिटल और संरचनात्मक सुधार: IMF चीफ ने कहा – “डिजिटल ग्रोथ की वजह से भारत मजबूत दिख रहा है। जिन्हें शक था कि डिजिटल ID इतनी बड़ी आबादी पर काम नहीं करेगी, वे गलत साबित हुए ।
IMF ने चेताया कि ईरान-इजराइल युद्ध और हॉर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग रुकावट से ग्लोबल ग्रोथ 3.3% से घटकर 3.1% हो गई है। महंगाई भी 4.1% से बढ़कर 4.4% होने का अनुमान है। । IMF ने भारत का अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 6.5% कर दिया। यानी दुनिया का अनुमान घटा, भारत का बढ़ा है ।
अक्टूबर 2025 में भी जॉर्जिएवा ने कहा था – “ग्लोबल ग्रोथ 3% है, भारत दुनिया से दोगुनी रफ्तार से बढ़ रहा है”। उन्होंने पाकिस्तान की तुलना करते हुए कहा कि “जिसके सामने पाकिस्तान कटोरा लिए खड़ा रहता है, वो IMF भारत की शान में कसीदे पढ़ रहा है”।
192 देशों के सामने IMF ने माना कि मिडिल ईस्ट संकट और ग्लोबल मंदी की आहट के बीच भी भारत 6.5% से बढ़ेगा, जो दुनिया की 3.1% ग्रोथ से दोगुना है। वजह – मजबूत घरेलू मांग, डिजिटल रिफॉर्म और टैरिफ में राहत जैसे कदम शामिल हैं।
IMF के ऐलान के बाद पड़ोसी देश भिखारिस्तान में खौफ का माहौल है । पाकिस्तान के लिए भिख का मौका अमेरिका ईरान के बीच मध्यस्थता बन रहा है वहीं भिखारिस्तान को लेकर चंदा दे चुके यूईए जैसे देशों ने कर्ज मांगना वापस मांगना शुरु कर दिया है । IMF को लेकर भी पाकिस्तान में खौफ है उसे डर है की अब उसे कोई और खैरात IMF से मिलने वाली नहीं है ।






