Iran-Russia Relations Grow Stronger: ईरान और रूस के बीच रणनीतिक समीकरण और मजबूत होते दिख रहे हैं। सोमवार को ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस दौरान रूस ने खुलकर ईरान के समर्थन का संकेत दिया। रूसी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुतिन ने कहा कि ईरानी जनता अपनी आज़ादी और संप्रभुता के लिए साहस के साथ लड़ रही है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें ईरान के सुप्रीम लीडर का संदेश मिला है, जिसे उन्होंने गंभीरता से लिया है।
‘Last week I received a message from the Supreme Leader of Iran’ — Vladimir Putin begins meeting with Iranian FM Abbas Araghchi https://t.co/YXJbXpqiag pic.twitter.com/5kVY9ENLjY
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Relations between Russia and Iran are strategic partnership relations at the highest level — Abbas Araghchi to Putin
‘No matter what is happening, Russian-Iranian relations will grow stronger’ https://t.co/8OOWpUgY6T pic.twitter.com/4xQ2nAcEIK
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यह मुलाकात ऐसे वक्त पर हुई है जब ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत ठप पड़ चुकी है। ऐसे में तेहरान अब मॉस्को के साथ अपने रिश्ते और मजबूत करने की कोशिश में है, ताकि अंतरराष्ट्रीय दबाव का मुकाबला किया जा सके।
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी तेवर कड़े कर दिए हैं। ट्रम्प आज अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ अहम बैठक करने जा रहे हैं, जिसमें ईरान के खिलाफ आगे की रणनीति तय होगी। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बैठक में ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई और बमबारी जैसे विकल्पों पर भी चर्चा हो सकती है।
इससे पहले ट्रंप ने ईरान को अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि उसके पास संघर्ष खत्म करने के लिए बेहद कम समय बचा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सीजफायर नहीं हुआ, तो ईरान की तेल सप्लाई चेन पर गंभीर असर पड़ सकता है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अगर तेल निर्यात रुका, तो पाइपलाइनों में दबाव बढ़ेगा और बड़े तकनीकी नुकसान की स्थिति पैदा हो सकती है।
कुल मिलाकर, एक तरफ रूस का खुला समर्थन और दूसरी तरफ अमेरिका की सख्त चेतावनी यह साफ संकेत दे रही है कि ईरान को लेकर वैश्विक तनाव आने वाले दिनों में और गहरा सकता है।






