Abbas Araghchi visits Islamabad again: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची एक बार फिर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंच गए हैं। यह उनकी पिछले 48 घंटों में दूसरी यात्रा है, जो ईरान और पाकिस्तान के बीच तेज होती कूटनीतिक गतिविधियों को दर्शाती है।
ओमान दौरे के बाद सीधे इस्लामाबाद पहुंचे अराघची
अराघची ओमान की राजधानी मस्कट में उच्च स्तरीय कूटनीतिक बैठकें करने के बाद सीधे पाकिस्तान पहुंचे। बताया जा रहा है कि वे इस्लामाबाद में पाकिस्तानी शीर्ष नेतृत्व के साथ एक बार फिर अहम बातचीत करेंगे और इसके बाद रूस के लिए रवाना हो जाएंगे।
इससे पहले उन्होंने अपनी पिछली यात्रा के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, विदेश मंत्री और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर से मुलाकात की थी।
दूसरी बार पाकिस्तान दौरे का बढ़ा महत्व
यह दौरा इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि अराघची की टीम, जो पिछले दौर की बातचीत के बाद तेहरान लौट गई थी, अब फिर से इस्लामाबाद में उनके साथ जुड़ रही है। इससे संकेत मिलता है कि वार्ता अब और आगे बढ़ने की स्थिति में है।
सूत्रों के अनुसार, इस बार की बैठकों में क्षेत्रीय सुरक्षा, अमेरिका के प्रस्ताव और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हो सकती है।
पिछली बातचीत में क्या हुआ था
शनिवार को हुई मुलाकातों में ईरान ने पाकिस्तान को अपनी कूटनीतिक स्थिति स्पष्ट करते हुए अमेरिका की मांगों पर अपनी आपत्तियां औपचारिक रूप से सौंपी थीं। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिका के साथ सीधे बातचीत नहीं करेगा और अपनी बात पाकिस्तान के माध्यम से ही आगे बढ़ाएगा।
इस दौरान पाकिस्तान ने मध्यस्थता और संवाद को बढ़ावा देने की भूमिका निभाने की बात कही थी।
ओमान में शांति प्रयासों पर चर्चा
पाकिस्तान आने से पहले अराघची ने ओमान में सुल्तान हैथम बिन तारिक से मुलाकात की थी। इस बैठक में क्षेत्रीय युद्ध, तनाव और शांति बहाली के प्रयासों पर विस्तार से बातचीत हुई।

अराघची ने ओमान की कूटनीतिक भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि संवाद और बातचीत ही क्षेत्रीय समस्याओं का एकमात्र समाधान है। वहीं, ओमान के सुल्तान ने भी उम्मीद जताई कि क्षेत्र में जल्द शांति बहाल होगी और इसके लिए हर संभव प्रयास जारी रहेंगे।

आगे की कूटनीतिक दिशा
इस्लामाबाद में संक्षिप्त रुकने के बाद अब्बास अराघची रूस के लिए रवाना होंगे, जहां आगे की कूटनीतिक चर्चाओं का एक और दौर हो सकता है। लगातार हो रही इन बैठकों से साफ है कि ईरान इस समय क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर कूटनीति को तेज गति से आगे बढ़ा रहा है।






