सूत्रों के अनुसार, इस मुलाकात में क्षेत्रीय सुरक्षा, चल रहे संघर्षों की स्थिति, ऊर्जा और समुद्री मार्गों की सुरक्षा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक समीकरणों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। ईरान और रूस दोनों ही मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
रूस पहुंचने से पहले अराघची ने पाकिस्तान और ओमान का दौरा किया था। पाकिस्तान में उन्होंने शीर्ष नेतृत्व के साथ बातचीत कर इस बात पर विचार किया कि किन परिस्थितियों में ईरान और अमेरिका के बीच कूटनीतिक वार्ता आगे बढ़ सकती है। वहीं ओमान में होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा, समुद्री व्यापार मार्गों और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि अराघची की यह यात्रा पश्चिम एशिया में बदलते शक्ति संतुलन और कूटनीतिक प्रयासों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।






