Israel Lebanon Attack Row: मध्य पूर्व में ईरान-इजरायल तनाव के बीच घोषित युद्धविराम अब नए विवाद में घिर गया है। पाकिस्तान ने अमेरिका के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि ईरान के साथ हुए सीजफायर समझौते में लेबनान का मुद्दा शामिल नहीं था। पाकिस्तान का कहना है कि लेबनान में शांति और इजरायली सैन्य कार्रवाई रोकना भी इस समझौते की अहम शर्तों में शामिल था।
लेबनान को लेकर अमेरिका और पाकिस्तान में टकराव
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बयान दिया कि ईरान के साथ हुए सीजफायर का दायरा केवल ईरान-इजरायल तनाव तक सीमित था और इसमें लेबनान का कोई जिक्र नहीं था। इसके जवाब में अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत रिजवान सईद शेख ने इस दावे को गलत बताया और कहा कि लेबनान में शांति बहाली भी समझौते का हिस्सा थी।
इजरायल ने नहीं रोके लेबनान पर हमले
विवाद के बीच इजरायल ने लेबनान में अपने सैन्य अभियान जारी रखे हैं। इजरायली सेना का कहना है कि लेबनान में उसके ऑपरेशन अलग सुरक्षा कारणों से चल रहे हैं और उनका ईरान के साथ हुए सीजफायर से कोई संबंध नहीं है। लगातार हो रहे इन हमलों ने ईरान को नाराज कर दिया है।
ईरान ने दी सीजफायर तोड़ने की चेतावनी
ईरान ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि लेबनान पर इजरायली हमले नहीं रुके तो वह युद्धविराम समझौते से पीछे हट सकता है। तेहरान का कहना है कि क्षेत्रीय शांति एक-दूसरे से जुड़ी हुई है और लेबनान को अलग करके नहीं देखा जा सकता।
इस्लामाबाद बैठक पर टिकी नजरें
इसी तनावपूर्ण माहौल में ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंचने वाला है, जहां पाकिस्तान के साथ क्षेत्रीय हालात और युद्धविराम की शर्तों पर चर्चा होगी। माना जा रहा है कि यह बैठक तय करेगी कि सीजफायर आगे टिकेगा या मध्य पूर्व एक बार फिर बड़े संघर्ष की ओर बढ़ेगा।
क्षेत्रीय स्थिरता पर बढ़ा खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर लेबनान मुद्दे पर सहमति नहीं बनती तो ईरान-इजरायल युद्धविराम जल्द टूट सकता है। इससे पूरे मध्य पूर्व में अस्थिरता और तेल बाजार पर दबाव बढ़ने की आशंका है।






