Kerala CM Oath Ceremony: दक्षिण भारत के राज्य केरल में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की नई सरकार के गठन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री पद के लिए चुने गए वी.डी. सतीशन की अगुआई वाली कैबिनेट रविवार को लगभग पूरी तरह फाइनल हो गई। सोमवार 18 मई को सुबह 10 बजे तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में मुख्यमंत्री समेत कुल 21 मंत्री शपथ लेंगे।
नई सरकार में कांग्रेस के 12 नेताओं को जगह मिली है, जबकि सहयोगी दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के 5 विधायक मंत्री बनाए जाएंगे। इसके अलावा केरल कांग्रेस, केरल कांग्रेस (जैकब), रेवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP) और CMP (कम्युनिस्ट मार्क्सिस्ट पार्टी) से एक-एक नेता को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।
कांग्रेस कोटे से ये नेता बनेंगे मंत्री
कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के अलावा रमेश चेन्निथला, केसी जोसेफ, पी.टी. थॉमस, टी सिद्दीकी, ए.पी. अनिल कुमार, शफी परम्बिल, मैथ्यू कुजलनादन, रोजी एम जॉन, एन सक्थन, पी.सी. विष्णुनाथ और एल्डोस कुन्नाप्पिल्ली को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट गठन में युवा चेहरों और अनुभवी नेताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। साथ ही अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों को प्रतिनिधित्व देने पर भी जोर रहा।
IUML और सहयोगी दलों को भी मिला प्रतिनिधित्व
IUML की ओर से पीके कुन्हालीकुट्टी, एम.के. मुनीर, नजीब कांथापुरम, पी.ए मोहम्मद रियास और परक्कल अब्दुल्ला को मंत्री पद दिया गया है। पार्टी ने संकेत दिए हैं कि परक्कल अब्दुल्ला को ढाई साल बाद कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है, हालांकि इस पर अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं की गई।
सहयोगी दलों में जोस के मणि (केरल कांग्रेस), अनूप जैकब (केरल कांग्रेस-जैकब), शिबू बेबी जॉन (RSP) और सी.पी. जॉन (CMP) को भी मंत्री बनाया जाएगा।
स्पीकर और डिप्टी स्पीकर के नाम भी तय
UDF ने कांग्रेस विधायक तिरुवंचूर राधाकृष्णन को विधानसभा स्पीकर और शनीमोल उस्मान को डिप्टी स्पीकर बनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री पद के लिए चुने गए वीडी सतीशन ने कहा कि नई कैबिनेट में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन का पूरा ध्यान रखा गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार जनता से किए गए वादों को प्राथमिकता के आधार पर लागू करेगी और प्रशासन को अधिक जवाबदेह बनाया जाएगा।
14 मई को हुआ था सतीशन के नाम का ऐलान
कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव परिणाम आने के करीब 10 दिन बाद 14 मई को वीडी सतीशन को मुख्यमंत्री पद के लिए चुना था। वे पारावूर सीट से विधायक हैं। नाम तय होने के बाद उन्होंने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अरलेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था।
कांग्रेस नेता दीपा दसमुंसी ने उस समय बताया था कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से चर्चा के बाद सतीशन के नाम पर सहमति बनी।
मुख्यमंत्री घोषित होने के बाद सतीशन ने कहा था कि वह इस जिम्मेदारी को व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि “दैवीय कृपा” मानते हैं और सभी वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर सरकार चलाएंगे।
140 में से 102 सीटें जीतकर सत्ता में लौटा UDF
हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में UDF ने 140 में से 102 सीटों पर जीत दर्ज की। कांग्रेस को अकेले 63 सीटें मिलीं। चुनाव नतीजों के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर कई दौर की बैठकों और अंदरूनी चर्चाओं का दौर चला था। शुरुआत में केसी वेणुगोपाल का नाम सबसे मजबूत माना जा रहा था, लेकिन बाद में सहयोगी दलों और वरिष्ठ नेताओं के समर्थन से वीडी सतीशन के नाम पर सहमति बनी।
नई सरकार के सामने राज्य की आर्थिक स्थिति, बेरोजगारी, स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता से सुलझाने की चुनौती होगी।






