Women Reservation Bill: दिल्ली में रविवार को महिला आरक्षण कानून को लेकर राजनीतिक माहौल फिर से गरमा गया। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने महिला आरक्षण को तुरंत लागू करने की मांग उठाते हुए बीजेपी मुख्यालय की ओर मार्च निकाला और जमकर नारेबाजी की।
क्या है मामला?
कांग्रेस का आरोप है कि संसद से पारित महिला आरक्षण कानून को लागू करने में जानबूझकर देरी की जा रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सरकार इस मुद्दे को परिसीमन (Delimitation) और जनगणना (Census) से जोड़कर आगे बढ़ा रही है, जिससे इसके लागू होने की प्रक्रिया लंबी खिंच रही है।
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कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि महिला आरक्षण को मौजूदा 543 लोकसभा सीटों पर ही तुरंत लागू किया जाए और इसे किसी भविष्य की प्रक्रिया या शर्त से न जोड़ा जाए।
बीजेपी मुख्यालय की ओर मार्च
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली की सड़कों पर जुलूस निकाला और बीजेपी मुख्यालय की ओर मार्च शुरू किया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई और माहौल राजनीतिक रूप से काफी गर्म हो गया।
पुतला दहन और विरोध
प्रदर्शन के दौरान हालात और तीखे हो गए जब कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों के हाथों में सरकार विरोधी पोस्टर भी थे, जिनमें महिला आरक्षण को तुरंत लागू करने की मांग लिखी हुई थी। इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी कार्यालय की ओर बढ़ने की कोशिश भी की।
पुलिस की कार्रवाई
स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। मौके पर बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका गया। कुछ समय के लिए इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया, हालांकि पुलिस ने हालात पर नियंत्रण पा लिया।
कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर गंभीर नहीं है। उनका आरोप है कि कानून बनने के बावजूद उसे लागू करने में लगातार देरी की जा रही है, जो महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय है। कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि यह देरी तकनीकी कारणों से नहीं बल्कि राजनीतिक वजहों से की जा रही है।
राजनीतिक हलचल
महिला आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। जहां कांग्रेस इसे तुरंत लागू करने की मांग कर रही है, वहीं सरकार इसे संवैधानिक और प्रक्रियात्मक कदमों से जोड़कर आगे बढ़ाने की बात कहती रही है। इस विरोध प्रदर्शन ने दिल्ली की सियासत को एक बार फिर गरमा दिया है।







