Raghav Chadha joins BJP: देश की राजनीति में उस वक्त बड़ा मोड़ आया जब आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि पार्टी के 10 में से 7 राज्यसभा सांसद भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने जा रहे हैं। इस ऐलान के बाद दिल्ली से लेकर पंजाब तक सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
राघव चड्ढा ने कहा कि यह फैसला संविधान के प्रावधानों के तहत लिया गया है और इसके लिए जरूरी दस्तावेज राज्यसभा सभापति को सौंप दिए गए हैं।
किन सांसदों के नाम आए सामने?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में संदीप पाठक और अशोक कुमार मित्तल उनके साथ मौजूद थे। चड्ढा ने जिन सांसदों के साथ होने का दावा किया, उनमें संदीप पाठक, अशोक कुमार मित्तल, हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल और राजेंद्र गुप्ता शामिल हैं। इन नामों के सामने आने के बाद AAP के भीतर संभावित टूट की अटकलें और तेज हो गई हैं।
#WATCH | 2/3rd MPs of AAP in Rajya Sabha announce merging with the BJP.
AAP MP Raghav Chadha says, “There are 10 AAP MPs in the Rajya Sabha, more than 2/3rd of them are with us in this. They have signed and this morning we submitted the signed letter and documents to the Rajya… pic.twitter.com/mn4kuYs2ht
— ANI (@ANI) April 24, 2026
दलबदल कानून पर क्या स्थिति?
राघव चड्ढा ने दावा किया कि उनके साथ दो-तिहाई सांसद हैं, इसलिए यह मामला दलबदल कानून के दायरे में नहीं आएगा। उन्होंने कहा कि यह व्यक्तिगत दलबदल नहीं बल्कि “विलय” की प्रक्रिया है, जो संविधान के तहत वैध है।
पार्टी पर गंभीर आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राघव चड्ढा ने पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि AAP अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है। उन्होंने कहा कि पार्टी अब जनहित की बजाय निजी हितों पर काम कर रही है।
चड्ढा ने यह भी कहा,
“मुझे लंबे समय से महसूस हो रहा था कि मैं गलत पार्टी में सही इंसान हूं।”
केजरीवाल के सामने चुनौती
इस घटनाक्रम के बाद AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के सामने बड़ी राजनीतिक चुनौती खड़ी हो गई है। अगर 7 सांसदों के जाने का दावा सही साबित होता है, तो राज्यसभा में AAP की ताकत पर सीधा असर पड़ेगा और पार्टी की राष्ट्रीय राजनीति में पकड़ कमजोर हो सकती है।
पंजाब और आगे की राजनीति पर असर
AAP के कई राज्यसभा सांसद पंजाब से आते हैं। ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह घटनाक्रम पार्टी के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। साथ ही, राज्यसभा में संख्या बदलने से विधायी समीकरण भी प्रभावित होंगे, जिसका फायदा BJP को मिल सकता है।
अगर राघव चड्ढा का दावा सही साबित होता है, तो यह आम आदमी पार्टी के इतिहास का सबसे बड़ा सियासी संकट होगा। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम पर आधिकारिक पुष्टि और अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया का इंतजार है।







