Ram Navami 2026: राम मंदिर अयोध्या में रामनवमी के पावन अवसर पर शुक्रवार दोपहर 12 बजे अभिजीत मुहूर्त में रामलला का भव्य सूर्य तिलक किया गया। करीब 9 मिनट तक भगवान के ललाट पर सूर्य की किरणें पड़ीं, जिसने पूरे मंदिर परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह रामलला का दूसरा सूर्य तिलक रहा।
PM मोदी ने लाइव देखा आयोजन
इस ऐतिहासिक क्षण को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने भी टीवी पर लाइव देखा। सूर्य तिलक के दौरान मंदिर परिसर ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गूंज उठा और देशभर में श्रद्धालुओं ने इस पल को उत्सव की तरह मनाया।

गर्भगृह में विशेष पूजा और 56 भोग अर्पित
सूर्य तिलक के समय गर्भगृह में 14 पुजारी मौजूद रहे, जिन्होंने विधि-विधान से पूजा और आरती की। इसके बाद कुछ समय के लिए मंदिर के पट बंद कर दिए गए और रामलला को 56 प्रकार के व्यंजन का भोग अर्पित किया गया।

हाई-टेक सिस्टम से पहुंचीं सूर्य की किरणें
सूर्य तिलक के लिए विशेष वैज्ञानिक प्रणाली तैयार की गई थी। अष्टधातु के 20 पाइपों से बना 65 फीट लंबा स्ट्रक्चर, जिसमें 4 लेंस और 4 मिरर लगाए गए थे, उनकी मदद से सूर्य की किरणों को सीधे रामलला के मस्तक तक पहुंचाया गया।
सुबह से ही विशेष पूजा, बढ़ाया गया दर्शन समय
रामनवमी के अवसर पर सुबह 5:30 बजे रामलला को स्वर्ण जड़ित पीतांबर पहनाया गया और गर्भगृह को फूलों से सजाया गया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन का समय भी बढ़ाकर सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक कर दिया गया, जिससे भक्तों को 18 घंटे तक दर्शन का अवसर मिला।

अयोध्या में उमड़ा आस्था का जनसैलाब
अयोध्या में रामनवमी पर आस्था का सैलाब देखने को मिला। राम पथ, भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। राम जन्मभूमि ट्रस्ट के अनुसार, करीब 10 लाख श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंचे हैं।






