आर्कटिक से हिंद महासागर तक रणनीतिक पहुंच: भारतरूस RELOS समझौता बना गेम-चेंजर, अमेरिका-पाक समीकरण पर बढ़ी नजर

India-Russia RELOS Agreement: भारत और रूस के बीच हुआ RELOS (Reciprocal Exchange of Logistics Support) समझौता अब वैश्विक भू-राजनीति में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इस समझौते के तहत दोनों देश संकट या युद्ध की स्थिति में एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों, बंदरगाहों और एयरबेस का उपयोग कर सकेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत–रूस रक्षा सहयोग को एक नए स्तर पर ले जाता है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन को और जटिल बना सकता है। वहीं, अमेरिका और पाकिस्तान के बीच बढ़ती नजदीकी के बीच इसे भारत के लिए रणनीतिक बढ़त के रूप में भी देखा जा रहा है।

क्या है RELOS समझौता?

RELOS समझौते के तहत दोनों देश:

  • एक-दूसरे के सैन्य बंदरगाह, एयरबेस और लॉजिस्टिक सुविधाओं का उपयोग कर सकेंगे
  • शांति और युद्ध दोनों परिस्थितियों में युद्धपोतों और विमानों को ईंधन, मरम्मत और सप्लाई सुविधा मिलेगी
  • आवश्यकता पड़ने पर सैनिकों, युद्धपोतों और विमानों की तैनाती संभव होगी

सूत्रों के अनुसार, इस समझौते के तहत एक समय में लगभग 3,000 सैनिक, 5 युद्धपोत और 10 विमान तक एक-दूसरे के क्षेत्र में तैनात किए जा सकते हैं।

रणनीतिक महत्व

इस समझौते से भारत को रूस के आर्कटिक क्षेत्र से लेकर व्लादिवोस्तोक और मरमांस्क जैसे महत्वपूर्ण बंदरगाहों तक पहुंच मिलती है। इससे उत्तरी समुद्री मार्ग पर भारत की रणनीतिक मौजूदगी मजबूत होती है, जो वैश्विक व्यापार और नौसैनिक गतिविधियों के लिए बेहद अहम माना जाता है।

लंबे समय की बातचीत का नतीजा

RELOS पर चर्चा वर्ष 2018 में शुरू हुई थी और कई द्विपक्षीय शिखर बैठकों में इसे आगे बढ़ाया गया। दिसंबर 2021 तक यह समझौता अंतिम चरण में पहुंच चुका था, लेकिन तकनीकी और शब्दगत मतभेदों के कारण इसमें देरी हुई। बाद में यूक्रेन संघर्ष ने भी प्रक्रिया को प्रभावित किया।

फरवरी 2025 में मॉस्को में इस समझौते पर हस्ताक्षर हुए। रूस ने दिसंबर में इसकी पुष्टि की और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मंजूरी के बाद यह कानून बन गया। यह समझौता 12 जनवरी 2026 से प्रभावी हुआ।

बदलता वैश्विक समीकरण

RELOS समझौता न केवल भारत और रूस के रक्षा संबंधों को मजबूत करता है, बल्कि वैश्विक रणनीतिक समीकरणों में भी एक नया मोड़ लाता है। इसे आर्कटिक से लेकर हिंद महासागर तक फैले एक “खामोश लेकिन प्रभावशाली गेम-चेंजर” के रूप में देखा जा रहा है।

Prem Upadhyay

प्रेम उपाध्याय न्यूज प्लस लाइव में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। वे मार्च 2026 से संगठन की डिजिटल विंग के साथ जुड़े हुए हैं और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कंटेंट रणनीति व निष्पादन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में 18 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, प्रेम ने लाइव इंडिया, 4 रियल न्यूज और फोकस टीवी जैसे विभिन्न न्यूज चैनलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। अपने करियर के दौरान उन्होंने क्राइम, बिजनेस, डिफेंस, राजनीति और मनोरंजन जैसे विविध बीट्स पर गहन रिपोर्टिंग और विश्लेषण किया है। वे तथ्य-आधारित पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्ध हैं और खबरों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए स्रोतों की गहन जांच व तथ्यों के सत्यापन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं।

Related Posts

ट्रंप बोले- ईरान परमाणु बम नहीं बनाएगा, होर्मुज में नहीं लगेगा टोल; समझौते पर जल्द होगा फैसला

Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित परमाणु समझौते को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और इसके…

पाक- अमेरिका के लिए नया सर दर्द बना अफगानिस्तान, रूस-तालिबान सैन्य सहयोग समझौता

Taliban Russia Military Cooperation: कभी एक-दूसरे के कट्टर दुश्मन रहे रूस और तालिबान ने अब एक ऐतिहासिक समझौते की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। रूस-तालिबान के बीच सैन्य सहयोग…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

डोनाल्ड ट्रंप की बेटी टिफनी करेंगी ताजमहल का दीदार, आगरा में हाई अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां

डोनाल्ड ट्रंप की बेटी टिफनी करेंगी ताजमहल का दीदार, आगरा में हाई अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां

ट्रंप बोले- ईरान परमाणु बम नहीं बनाएगा, होर्मुज में नहीं लगेगा टोल; समझौते पर जल्द होगा फैसला

ट्रंप बोले- ईरान परमाणु बम नहीं बनाएगा, होर्मुज में नहीं लगेगा टोल; समझौते पर जल्द होगा फैसला

बकरीद पर पुरानी रंजिश का बदला, मुस्लिम दोस्तों ने हिंदू युवक की चाकू गोदकर हत्या की; इलाके में तनाव का माहौल

बकरीद पर पुरानी रंजिश का बदला, मुस्लिम दोस्तों ने हिंदू युवक की चाकू गोदकर हत्या की; इलाके में तनाव का माहौल

पाक- अमेरिका के लिए नया सर दर्द बना अफगानिस्तान, रूस-तालिबान सैन्य सहयोग समझौता

पाक- अमेरिका के लिए नया सर दर्द बना अफगानिस्तान, रूस-तालिबान सैन्य सहयोग समझौता

ईरान का बड़ा बयान- ‘दुश्मनों को होर्मुज इस्तेमाल नहीं करने देंगे’, अमेरिका-ईरान 60 दिन के सीजफायर पर सहमति की रिपोर्ट

ईरान का बड़ा बयान- ‘दुश्मनों को होर्मुज इस्तेमाल नहीं करने देंगे’, अमेरिका-ईरान 60 दिन के सीजफायर पर सहमति की रिपोर्ट

हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, कई मजदूरों के दबे होने की आशंका

हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, कई मजदूरों के दबे होने की आशंका
× नोएडा दिल्ली झारखंड गुजरात ओडिशा उत्तर प्रदेश आंध्र प्रदेश पश्चिम बंगाल बिहार मध्य प्रदेश हिमाचल प्रदेश महाराष्ट्र उत्तराखंड पंजाब हरियाणा राजस्थान जम्मू-कश्मीर