Abbas Araghchi Visits Pakistan: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची अचानक इस्लामाबाद के लिए रवाना हो गए हैं। वहां वे पाकिस्तानी नेतृत्व के साथ अहम बातचीत करेंगे। इस दौरे को क्षेत्रीय कूटनीति में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब अमेरिका और ईरान के बीच संभावित वार्ता को लेकर हलचल तेज हो गई है।
अमेरिका-ईरान बातचीत की तैयारी?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बैठक सीधे तौर पर अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत की तैयारी के तौर पर देखी जा रही है। हालांकि इस बातचीत में अमेरिका की सीधी भागीदारी नहीं होगी, लेकिन बैक-चैनल कूटनीति के संकेत साफ नजर आ रहे हैं।
Embarking on timely tour of Islamabad, Muscat, and Moscow.
Purpose of my visits is to closely coordinate with our partners on bilateral matters and consult on regional developments.
Our neighbors are our priority.
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) April 24, 2026
इससे पहले अराघची ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार से अलग-अलग मुलाकात कर हालात पर चर्चा की।
पाकिस्तान निभा रहा मध्यस्थ की भूमिका
इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान खुद को एक अहम मध्यस्थ के तौर पर पेश कर रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बैठक के बाद अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत का रास्ता साफ हो सकता है।
मुख्य फोकस दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और किसी तरह के सीजफायर या समझौते को बनाए रखने पर है।
आगे का कूटनीतिक दौरा तय
ईरानी मीडिया IRNA के मुताबिक, पाकिस्तान के बाद अराघची मस्कट (ओमान) और फिर मॉस्को (रूस) का दौरा करेंगे।
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम पर न तो अमेरिका और न ही ईरान की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है, लेकिन कूटनीतिक हलकों में इसे बड़े बदलाव की आहट के रूप में देखा जा रहा है।
पड़ोसी देशों को प्राथमिकता
अराघची ने साफ कहा है कि ईरान के लिए उसके पड़ोसी देश प्राथमिकता में हैं। पाकिस्तान दौरे के दौरान द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर भी चर्चा होगी।
बता दें कि अराघची का यह दौरा सिर्फ एक सामान्य कूटनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि संभावित US-ईरान संवाद की पृष्ठभूमि तैयार करने वाला अहम कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि यह पहल तनाव कम करने की दिशा में कितना असर डालती है।






