UP Gas Supply News: उत्तर प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने साफ निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में कहीं भी गैस की कमी नहीं होनी चाहिए और कालाबाजारी या जमाखोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि आम जनता को गैस सप्लाई में किसी भी तरह की परेशानी नहीं आनी चाहिए।
हर जिले में सख्त निगरानी के निर्देश
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने प्रशासनिक मशीनरी को और सक्रिय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में गैस सप्लाई की लगातार मॉनिटरिंग की जाए और जहां भी अनियमितता मिले, वहां तुरंत कार्रवाई हो।
प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत
सरकार ने प्रवासी श्रमिकों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। औद्योगिक क्षेत्रों में रहने वाले ऐसे मजदूरों की पहचान कर विशेष शिविर लगाए जाएंगे और उन्हें 5 किलो के फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर मुफ्त उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि उन्हें भोजन बनाने में कोई परेशानी न हो।
PNG कनेक्शन देने में तेजी
प्रदेश में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन देने की प्रक्रिया को भी तेज किया गया है। जहां-जहां गैस पाइपलाइन पहुंच चुकी है, वहां लोगों को कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है और लंबित NOC व स्वीकृतियों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। अब तक की प्रगति के अनुसार सरकार ने 2.04 लाख कनेक्शन का लक्ष्य तय किया है, जिसके मुकाबले 46,954 कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। वहीं, रोजाना 1700 से अधिक नए कनेक्शन दिए जा रहे हैं, जिससे साफ है कि लक्ष्य तेजी से हासिल किया जा सकता है।
किसानों को मुआवजा और बीमा का लाभ
प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में मुआवजा राशि का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि कोई भी किसान राहत से वंचित न रहे। इसके साथ ही फसल बीमा योजना के भुगतान की प्रक्रिया को भी तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
अवैध शराब पर कड़ा एक्शन
बैठक में अवैध शराब के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसी भी जिले में अवैध शराब की बिक्री नहीं होनी चाहिए। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार छापेमारी कर निर्माण, भंडारण और बिक्री पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को इसके नुकसान के बारे में बताया जाएगा।
फार्मर रजिस्ट्री पर सरकार का फोकस
कृषि योजनाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के 82.35 प्रतिशत लाभार्थियों का पंजीकरण पूरा हो चुका है, जबकि 32 लाख से अधिक गैर-पीएम किसान भी रजिस्ट्री में शामिल किए गए हैं। कुल पंजीकृत किसानों की संख्या 2.09 करोड़ से अधिक पहुंच चुकी है। सरकार ने 30 अप्रैल 2026 तक सभी किसानों का पंजीकरण पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
सरकार का बड़ा फैसला
15 मई 2026 से उर्वरक, बीज और अन्य कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसान आईंडी (Farmer ID) अनिवार्य होगी। इसके लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और ग्राम पंचायत स्तर पर पंजीकरण कार्य तेज किया जाएगा।






