Trump on Iran Nuclear Program: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ जारी तनाव और युद्ध की स्थिति बहुत जल्द खत्म हो जाएगी। व्हाइट हाउस में सांसदों को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान अब समझौता करना चाहता है, लेकिन अमेरिका उसे किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। ट्रंप ने कहा,
“हम उस युद्ध को बहुत जल्दी खत्म करने जा रहे हैं। वे समझौता करना चाहते हैं। वे इससे थक चुके हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान अब भी अपने परमाणु कार्यक्रम पर काम कर रहा है, लेकिन अमेरिका उसे सफल नहीं होने देगा। ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी सीनेट में ईरान के खिलाफ युद्ध को सीमित करने से जुड़ा “वॉर पावर रेजोल्यूशन” आगे बढ़ाया गया है।
रिपब्लिकन बहुमत वाली सीनेट ने उस प्रस्ताव पर आगे बढ़ने के पक्ष में मतदान किया, जिसमें कहा गया है कि कांग्रेस की स्पष्ट मंजूरी के बिना राष्ट्रपति ईरान के खिलाफ लंबे समय तक सैन्य कार्रवाई जारी नहीं रख सकते।
ईरान की चेतावनी- दोबारा युद्ध हुआ तो अमेरिका को “बड़े सरप्राइज” मिलेंगे
इस बीच ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। ईरानी विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास आरागची ने कहा कि अगर दोबारा युद्ध हुआ तो अमेरिका को पहले से कहीं बड़े “सरप्राइज” मिलेंगे।
अराघची ने दावा किया कि ईरानी सेना ने पहली बार अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमान को मार गिराया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि अमेरिकी कांग्रेस ने भी सैन्य अभियान के दौरान कई विमानों के नुकसान की बात स्वीकार की है। हालांकि अमेरिका ने अब तक F-35 गिराए जाने के दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

ट्रंप का दावा- युद्ध खत्म होते ही तेल की कीमतें गिरेंगी
ट्रंप ने कहा कि ईरान समझौते के लिए तैयार है और आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान पर बड़ा हमला करने की तैयारी में था, लेकिन फिलहाल बातचीत को मौका देने के लिए सैन्य कार्रवाई टाल दी गई है। ट्रंप के मुताबिक नई सैन्य कार्रवाई शुक्रवार, शनिवार, रविवार या अगले सप्ताह की शुरुआत में हो सकती है।
अमेरिका ने ईरान पर लगाए नए प्रतिबंध
अमेरिका ने मंगलवार को ईरान पर नए आर्थिक प्रतिबंध लगाए। अमेरिकी प्रशासन ने “अमीन एक्सचेंज” नाम की एक विदेशी मुद्रा विनिमय कंपनी और उससे जुड़ी कई कंपनियों पर कार्रवाई की है।
अमेरिका का आरोप है कि यह नेटवर्क ईरानी बैंकों के लिए अंतरराष्ट्रीय पैसों के लेन-देन में मदद कर रहा था। बताया गया कि इसका नेटवर्क UAE, तुर्किये और हॉन्ग कॉन्ग तक फैला हुआ था।
इसके अलावा अमेरिका ने 19 जहाजों पर भी प्रतिबंध लगाए हैं। आरोप है कि इन जहाजों के जरिए ईरान तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों का निर्यात कर रहा था।






