मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। मियामी बीच में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रम्प ने (Hormuz Strait) को मजाक में ‘Strait of Trump’ कह दिया। हालांकि उन्होंने तुरंत अपनी गलती सुधारते हुए कहा कि उनका मतलब होर्मुज था, लेकिन इस बयान के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है।
ईरान को 6 अप्रैल तक अल्टीमेटम
ट्रम्प के इस बयान को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि अमेरिका ईरान पर दबाव बनाने के लिए कड़े संकेत दे रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान को 6 अप्रैल तक का अल्टीमेटम दिया गया है, जिसमें क्षेत्रीय हालात को नियंत्रित करने और समुद्री मार्ग को सुरक्षित रखने की बात कही गई है।
क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार और ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित करता है।
ईरान पर अमेरिका का सख्त रुख
इस बीच ट्रंप ने यह भी दावा किया है कि ईरान पहले की तुलना में कमजोर हुआ है और अमेरिकी कार्रवाई के बाद उसकी सैन्य क्षमता पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस स्थिति को ‘जंग’ नहीं बल्कि ‘मिलिट्री कॉन्फ्लिक्ट’ मानता है, क्योंकि औपचारिक युद्ध के लिए संसद की मंजूरी जरूरी होती है।
US विदेश मंत्री का बड़ा बयान
वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) ने कहा है कि ईरान के खिलाफ चल रहा अभियान कुछ हफ्तों में पूरा किया जा सकता है। G7 देशों के साथ बैठक के बाद उन्होंने बताया कि ऑपरेशन तय समय से आगे चल रहा है और इसके लिए जमीनी सेना भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
तनाव और बढ़ने के संकेत
रुबियो ने यह भी संकेत दिया कि ईरान की ओर से कुछ संदेश जरूर मिले हैं, लेकिन अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर अब तक कोई ठोस जवाब नहीं आया है। ऐसे में आने वाले दिनों में मिडिल ईस्ट की स्थिति और ज्यादा संवेदनशील हो सकती है।








