US-Iran War: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच शनिवार को ईरान के दक्षिण-पश्चिम में स्थित बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास एक प्रोजेक्टाइल (मिसाइल या बम) गिरा। इस हमले में एक सुरक्षा कर्मी की मौत हो गई। हालांकि, संयंत्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और वहां काम कर रहे कर्मचारी सुरक्षित हैं।
बुशहर प्लांट की सुरक्षा
बुशहर प्लांट ईरान का एकमात्र चालू परमाणु रिएक्टर है और IAEA (अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) की निगरानी में संचालित होता है। अधिकारियों ने पुष्टि की कि संयंत्र सामान्य रूप से काम कर रहा है और रेडिएशन लीक जैसी कोई घटना नहीं हुई।
IAEA की चिंता
IAEA ने कहा है कि परमाणु संयंत्रों के पास किसी भी हमले से गंभीर रेडियोलॉजिकल खतरे का जोखिम बढ़ सकता है। एजेंसी ने सभी पक्षों से संयम बरतने और परमाणु स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। रूस की रोसाटॉम ने भी हमले की निंदा की और सभी पक्षों से तनाव कम करने का आग्रह किया।
https://x.com/iaeaorg/status/2040360500047819000?
बुशहर प्लांट का महत्व
- यह मुख्य रूप से बिजली उत्पादन के लिए है।
- 1,000 मेगावाट बिजली पैदा करता है, जो लाखों घरों और उद्योगों को ऊर्जा देता है।
- यह एक सिविलियन न्यूक्लियर प्लांट है; हथियार ग्रेड सामग्री का उत्पादन नहीं होता।
- रूस के विशेषज्ञों की मौजूदगी इसे संवेदनशील बनाती है।
ईरान का पलटवार
इसी बीच, ईरान ने फारस की खाड़ी में अमेरिका के A-10 एयरक्राफ्ट को निशाना बनाने का दावा किया। विमान कथित तौर पर रेस्क्यू मिशन में शामिल था। अमेरिका ने पायलट को सुरक्षित निकालने की पुष्टि की।
मध्य पूर्व के अलग-अलग इलाकों में हमलों की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इस तरह के हमले जारी रहते हैं, तो यह वैश्विक परमाणु संकट का कारण बन सकते हैं। बुशहर न्यूक्लियर प्लांट सुरक्षित तो है, लेकिन यह घटना साफ संकेत देती है कि युद्ध खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है और भविष्य में हालात और बिगड़ सकते हैं।






