White House Firing: अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन, डी.सी. में शनिवार शाम उस समय अचानक हड़कंप मच गया जब व्हाइट हाउस के बाहर एक संदिग्ध ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोली चलने की आवाज़ों से पूरा इलाका दहल उठा और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गईं।
सुरक्षा बूथ पर हमला, 10–20 राउंड फायरिंग
जानकारी के मुताबिक, हमलावर ने व्हाइट हाउस के पास मौजूद सीक्रेट सर्विस के सुरक्षा बूथ की ओर से अचानक हथियार निकालकर फायरिंग शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती रिपोर्ट्स में बताया गया है कि इस दौरान करीब 10 से 20 राउंड गोलियां चलाई गईं।
सीक्रेट सर्विस की जवाबी कार्रवाई में हमलावर ढेर
हालात बिगड़ते देख अमेरिकी सुरक्षाबलों ने तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी फायरिंग की। इसमें संदिग्ध को गोली लगी और उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उसे मृत घोषित कर दिया गया। इस घटना में एक राहगीर भी घायल हुआ है।
यूनाइटेड स्टेट्स सीक्रेट सर्विस ने पुष्टि की है कि जवाबी कार्रवाई के दौरान किसी भी सुरक्षा एजेंट को गोली नहीं लगी।
घटना के समय व्हाइट हाउस के अंदर मौजूद थे ट्रंप
घटना के वक्त अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के अंदर ओवल ऑफिस में मौजूद थे। बताया जा रहा है कि वह उस समय अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी महत्वपूर्ण बैठकों और ईरान से संबंधित बातचीत में व्यस्त थे।
FBI ने शुरू की जांच
घटना के बाद फेडरल ब्यूरो इनवेस्टिगेशन (FBI) भी सक्रिय हो गई और सीक्रेट सर्विस के साथ मिलकर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। कुछ समय के लिए व्हाइट हाउस परिसर को पूरी तरह सील कर दिया गया था, जिसे बाद में हटा लिया गया।
ट्रंप परिवार की सुरक्षा पर भी सवाल
सूत्रों के अनुसार, यह घटना ऐसे समय पर हुई जब ट्रंप और उनके परिवार की सुरक्षा पहले से ही हाई अलर्ट पर थी। बताया जाता है कि उनकी बेटी को पहले भी जान से मारने की धमकी मिल चुकी है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही थीं।
अंतरराष्ट्रीय बातचीत के बीच बड़ा सुरक्षा अलर्ट
घटना से कुछ समय पहले ही ट्रंप ने सोशल मीडिया पर मध्य पूर्व और ईरान से जुड़े संभावित समझौते का जिक्र किया था, जिसमें कई देशों के शीर्ष नेताओं के साथ बातचीत की बात कही गई थी।
व्हाइट हाउस के बाहर हुई इस घटना ने एक बार फिर अमेरिकी राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।






