CISF Firing in Kathua: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के बसोहली में CISF के एक जवान ने अपने साथियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस घटना में असिस्टेंट कमांडेंट समेत 4 CISF जवानों की मौत हो गई। फायरिंग के बाद आरोपी जवान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी के पास AK-47 राइफल और 150 राउंड गोलियां थीं।
विवाद के बाद शुरू हुई फायरिंग
जानकारी के मुताबिक, CISF के जवान हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे कठुआ के सेवा-II हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट यूनिट की सुरक्षा में तैनात थे। किसी मुद्दे को लेकर जवानों के बीच कहासुनी हुई। इसके बाद CISF के 2009 बैच के एक हेड कॉन्स्टेबल ने अपने साथियों पर फायरिंग कर दी।
घटना करीब शाम 7 बजे हुई। फायरिंग में चार CISF जवानों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे, SI लक्ष्मण सिंह, कॉन्स्टेबल रफीक अहमद और कॉन्स्टेबल संदीप कुमार के रूप में हुई है।
कठुआ SSP मोहिता शर्मा के मुताबिक, आरोपी हेड कॉन्स्टेबल को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। वहीं, CISF की ओर से मामले की आंतरिक जांच शुरू की जा रही है।
Four Central Industrial Security Force (CISF) personnel were shot dead by a 2009-batch Head Constable of the force following a verbal altercation among them over an issue at the Sewa-II Hydroelectric Project unit in Kathua. The incident took place around 7 PM. The accused Head… pic.twitter.com/htDDGYSHGA
— IANS (@ians_india) September 29, 2026
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आरोपी के पास AK-47 और 150 राउंड
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी हेड कॉन्स्टेबल अवधेश कुमार सिंह ऑफिस परिसर में पहुंचा और अपनी सरकारी AK-47 राइफल से अंधाधुंध फायरिंग की। बताया जा रहा है कि उसके पास करीब 150 राउंड गोलियां थीं।
घटना की जानकारी मिलते ही कठुआ पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी जवान को गिरफ्तार कर लिया। CISF के वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी जुटाई।

12 साल से बंद है पावर प्रोजेक्ट
जिन जवानों की यहां तैनाती थी, वह सेवा-3 प्रोजेक्ट बसोहली तहसील में रावी नदी पर स्थित है। इस प्रोजेक्ट को वर्ष 1993 में शुरू किया गया था।
वर्ष 2013 में आई बाढ़ के दौरान प्रोजेक्ट का करीब 300 मीटर लंबा हिस्सा बह गया था। इसके बाद से यह प्रोजेक्ट पूरी तरह बंद है। इसके बावजूद यहां सुरक्षा के लिए CISF जवानों की तैनाती थी।
घटना के कारणों की जांच जारी
फायरिंग के पीछे जवानों के बीच हुए विवाद को शुरुआती वजह बताया जा रहा है। हालांकि, घटना की पूरी वजह और फायरिंग से पहले क्या हुआ था, इसकी जांच की जा रही है। CISF और पुलिस अधिकारी मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटा रहे हैं।
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