Bihar Politics: बिहार की राजनीति इस वक्त निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। अगले 48 घंटे में राज्य की सत्ता का चेहरा बदल सकता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के संभावित इस्तीफे और नई सरकार के गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। पटना से लेकर दिल्ली तक लगातार बैठकों का दौर जारी है और हर कोई इस सवाल का जवाब तलाश रहा है। आखिर बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा?
14 अप्रैल पर टिकी नजरें, इस्तीफे के संकेत
सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार 14 अप्रैल को कैबिनेट की आखिरी बैठक कर सकते हैं और उसी दिन राज्यपाल को इस्तीफा सौंप सकते हैं। इससे पहले 13 अप्रैल को भी एक अहम बैठक की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर हलचल साफ दिख रही है।
अगर 14 अप्रैल को इस्तीफा होता है, तो इसके तुरंत बाद नई सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
नए CM के चयन में बीजेपी की बड़ी भूमिका
बिहार में सत्तारूढ़ NDA गठबंधन में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर अंतिम फैसला भारतीय जनता पार्टी के हाथ में माना जा रहा है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) को पर्यवेक्षक बनाया गया है, जो विधायक दल की बैठक के बाद नए नेता के नाम का ऐलान कर सकते हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी इस बार अपना मुख्यमंत्री बनाने की कोशिश कर सकती है, जिससे समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं।
CM रेस में कौन-कौन?
नए मुख्यमंत्री के लिए कई नाम चर्चा में हैं। इनमें सबसे आगे साम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) का नाम लिया जा रहा है, जो बिहार बीजेपी के प्रमुख चेहरे हैं और हाल के दिनों में उनकी सक्रियता भी बढ़ी है।
इसके अलावा कुछ और वरिष्ठ नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं, लेकिन पार्टी नेतृत्व अंतिम समय में चौंकाने वाला फैसला भी ले सकता है।
बैठकों का दौर तेज, पटना से दिल्ली तक मंथन
राजनीतिक हलचल का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि साम्राट चौधरी ने 12 घंटे के भीतर दो बार नीतीश कुमार से मुलाकात की। इस दौरान विजय कुमार चौधरी (Vijay Kumar Chaudhary) भी मौजूद रहे।
वहीं दिल्ली में भी बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के बीच बैठकें जारी हैं। गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) के साथ हुई बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है, जिसमें बिहार के राजनीतिक भविष्य पर चर्चा हुई।
15 अप्रैल को नई सरकार की संभावना
सूत्रों के अनुसार, 15 अप्रैल को नई सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारी की जा रही है। नए मुख्यमंत्री के साथ कई मंत्री भी शपथ ले सकते हैं। यह कार्यक्रम राज्यपाल सैयद अता हसनैन (Syed Ata Hasnain) की मौजूदगी में आयोजित हो सकता है।
हालांकि, अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सभी विभागों को अलर्ट पर रखा गया है।
क्या नीतीश युग का अंत?
नीतीश कुमार लंबे समय से बिहार की राजनीति का केंद्र रहे हैं। अगर वे इस्तीफा देते हैं, तो यह राज्य की राजनीति में एक बड़े युग के अंत के रूप में देखा जाएगा।
हाल ही में राज्यसभा सांसद बनने के बाद उनकी भूमिका को लेकर भी कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
48 घंटे में साफ होगी तस्वीर
बिहार में अगले 48 घंटे बेहद अहम हैं। इस्तीफा, नए नेता का चयन और शपथ ग्रहण। इन तीन बड़े घटनाक्रमों के बीच राज्य की राजनीति पूरी तरह बदल सकती है। अब सबकी नजरें NDA की बैठक और शिवराज सिंह चौहान के फैसले पर टिकी हैं। जो तय करेगा कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।







