UP Politics: उत्तर प्रदेश की सियासत में चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी अब राज्य में संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर बड़े बदलाव की तैयारी में जुटी है। हालिया बैठकों और नेताओं की सक्रियता से संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी जल्द ही बड़े फैसले ले सकती है।
दिल्ली से लखनऊ तक बैठकों का दौर
नई दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान संभावित नामों, संगठनात्मक बदलाव और मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
सूत्रों के अनुसार, संगठन और सरकार के बीच अहम मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और अब अंतिम फैसले की दिशा में तेजी से काम चल रहा है।
मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी अंतिम चरण में
प्रदेश में निगम, आयोग और बोर्ड के रिक्त पदों को भरने के साथ ही मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में पहुंचती दिख रही है। पार्टी हाल ही में 2802 सभासदों के मनोनयन के जरिए कार्यकर्ताओं को साधने के बाद अब संगठन को और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
बताया जा रहा है कि इस बार बड़े पैमाने पर फेरबदल की बजाय सीमित बदलाव किए जाएंगे, ताकि संतुलन बना रहे और नए चेहरों को भी मौका मिल सके।
जातीय समीकरण साधने पर खास जोर
चुनावी साल को देखते हुए भाजपा सामाजिक और जातीय संतुलन पर विशेष फोकस कर रही है। समाजवादी पार्टी के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फार्मूले की काट के लिए पार्टी ओबीसी और अनुसूचित वर्ग के नेताओं को आगे लाने की रणनीति बना रही है।
सूत्रों का कहना है कि मंत्रिमंडल में एक ब्राह्मण और एक अनुसूचित जाति के प्रतिनिधि को शामिल किया जा सकता है, जिससे व्यापक सामाजिक संदेश दिया जा सके।
आज लखनऊ पहुंचेंगे विनोद तावड़े
इसी बीच भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े का लखनऊ दौरा भी काफी अहम माना जा रहा है। वे प्रदेश नेतृत्व और मुख्यमंत्री के साथ अलग-अलग बैठकों में चर्चा कर संभावित नामों पर अंतिम राय बनाएंगे।
माना जा रहा है कि तावड़े पर्यवेक्षक के तौर पर नामों की सूची तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को सौंपेंगे, जिसके बाद दिल्ली में अंतिम मुहर लगेगी।
संगठन में भी बड़े बदलाव के संकेत
सिर्फ सरकार ही नहीं, संगठन स्तर पर भी बड़े फेरबदल की तैयारी है। पार्टी नई 45 सदस्यीय प्रदेश टीम के गठन, छह क्षेत्रीय अध्यक्षों की नियुक्ति और युवा मोर्चा अध्यक्ष के चयन पर मंथन कर रही है। इसके साथ ही महिला भागीदारी बढ़ाने और ओबीसी वर्ग को अधिक प्रतिनिधित्व देने पर भी जोर दिया जा रहा है।
चुनाव से पहले BJP का मास्टर प्लान
कुल मिलाकर, भाजपा उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर संतुलन साधते हुए व्यापक पुनर्संरचना की दिशा में बढ़ रही है। पार्टी का फोकस साफ है सामाजिक समीकरण मजबूत करना, कार्यकर्ताओं को संतुष्ट रखना और चुनावी मैदान में बढ़त बनाए रखना।






