Chhattisgarh Power Plant Blast: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिला में स्थित वेदांता लिमिटेड के पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया, जब अचानक बॉयलर ब्लास्ट हो गया। धमाका इतना जबरदस्त था कि प्लांट परिसर में काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
17 मजदूरों की मौत, कई की हालत गंभीर
इस भीषण हादसे में अब तक 17 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से 4 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि अन्य की मौत इलाज के दौरान हुई। घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां 6 मजदूरों की मौत रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में, 5 की जिला अस्पताल रायगढ़ में और 2 की कालड़ा अस्पताल में इलाज के दौरान हुई। हादसे में कुल 36 मजदूर झुलस गए हैं, जिनमें से 18 का इलाज अभी भी विभिन्न अस्पतालों में जारी है। डॉक्टरों के अनुसार कई घायलों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
अस्पतालों में जिंदगी की जंग
रायगढ़ के जिंदल अस्पताल में 10 गंभीर घायलों का इलाज चल रहा है, जो 15% से लेकर 100% तक झुलसे हैं। वहीं बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल में भी कई घायलों का उपचार जारी है। प्रशासन ने रायपुर के बड़े अस्पतालों को भी अलर्ट पर रखा है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल बेहतर इलाज मुहैया कराया जा सके।
मृतकों की पहचान में दिक्कत
अब तक ठंडाराम, पप्पू कुमार, अमृत लाल पटेल (50) और उत्तर प्रदेश के बृजेश कुमार की पहचान हो पाई है। कई शव बुरी तरह झुलस चुके हैं, जिससे पहचान की प्रक्रिया में कठिनाई आ रही है। प्रशासन बाकी मृतकों की पहचान के लिए प्रयास कर रहा है।
परिजनों का हंगामा, प्रबंधन पर आरोप
हादसे के बाद प्लांट के बाहर मजदूरों के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने प्रबंधन पर आरोप लगाया कि हादसे के बाद सही जानकारी नहीं दी जा रही और कुछ मजदूर अब भी लापता हैं। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की है।
मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि हादसे के कारणों की गहराई से जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
मुआवजे का ऐलान: कंपनी, केंद्र और राज्य सक्रिय
हादसे के बाद मुआवजे को लेकर कंपनी, केंद्र और राज्य सरकार तीनों स्तरों पर घोषणाएं की गई हैं। वेदांता लिमिटेड ने मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपए के साथ एक सदस्य को नौकरी देने का ऐलान किया है, जबकि घायलों को 15-15 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की गई है। इसके अलावा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी मृतकों के परिवारों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता देने का ऐलान किया है।
दूसरे राज्यों के मजदूर भी चपेट में
घायलों में केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड के मजदूर भी शामिल हैं। कुल 36 घायलों में से 12 स्थानीय बताए जा रहे हैं, जबकि बाकी अन्य राज्यों से काम करने आए थे।
विपक्ष का हमला, मुआवजा बढ़ाने की मांग
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ और घायलों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है।







