Noida Violence: नोएडा में फैक्ट्री कर्मचारियों का वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन मंगलवार को दूसरे दिन भी उग्र रूप में जारी रहा। औद्योगिक क्षेत्रों में हजारों की संख्या में कर्मचारी सड़कों पर उतर आए, जिसके बाद कई जगहों पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सोमवार को हुई हिंसा के बाद माहौल पहले से ही संवेदनशील था, और मंगलवार को प्रदर्शन ने फिर से कानून-व्यवस्था की चुनौती बढ़ा दी।
दूसरे दिन सड़क पर उतरे हजारों कर्मचारी
सुबह से ही अलग-अलग औद्योगिक सेक्टरों में बड़ी संख्या में कर्मचारी इकट्ठा होने लगे और वेतन वृद्धि की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर जुलूस की शक्ल में आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसे रोकने के लिए पुलिस को मौके पर तैनात किया गया। हालांकि, भीड़ को रोकने के प्रयास के दौरान कई जगहों पर झड़प की स्थिति बन गई।
पुलिस से झड़प और पथराव से बिगड़े हालात
स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया। कई इलाकों में प्रदर्शनकारी और पुलिस आमने-सामने आ गए, जिससे तनाव और बढ़ गया। कुछ स्थानों पर पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया और स्थिति को नियंत्रित किया।
15 PAC कंपनियां और भारी पुलिस बल तैनात
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने पूरे औद्योगिक क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और हालात पूरी तरह सामान्य रखे जा सकें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में किसी भी तरह की अफवाह, भड़काऊ संदेश या उपद्रव को तुरंत रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
इस दौरान PAC और RAF की 15 कंपनियां मौके पर तैनात की गई हैं। इसके साथ ही 26 वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, जिनमें 8 एडिशनल एसपी और 18 डीएसपी शामिल हैं, लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
सुबह 5 बजे से ही औद्योगिक क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों और फैक्ट्री क्षेत्रों में सुरक्षा का संदेश दिया जा सके। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन के जरिए हवाई निगरानी की जा रही है, जबकि CCTV कंट्रोल रूम से पूरे क्षेत्र पर रियल-टाइम नजर रखी जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी या अफवाह फैलाने की कोशिश को तुरंत सख्ती से रोका जाएगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
300 से ज्यादा गिरफ्तारी, जांच तेज
पुलिस के अनुसार अब तक 300 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि हिंसा भड़काने और भीड़ को उकसाने वालों की पहचान की जा रही है।इसके साथ ही सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों और भड़काऊ पोस्ट्स की भी जांच की जा रही है।
प्रशासन का सख्त संदेश
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि हिंसा के दौरान हुई सार्वजनिक और निजी संपत्ति के नुकसान की भरपाई उपद्रवियों से ही कराई जाएगी। पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का बड़ा फैसला: वेतन में बढ़ोतरी
हिंसा के बीच सरकार ने देर रात श्रमिकों को राहत देते हुए न्यूनतम मजदूरी में करीब ₹3000 तक की बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह फैसला 1 अप्रैल से लागू होगा और इसे हाई-लेवल कमेटी की सिफारिशों के बाद मंजूरी दी गई है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज
इस घटना पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने इसे लेकर कहा
“यह श्रमिकों की आखिरी चीख है, जिसे लंबे समय से अनसुना किया गया है। उन्होंने सरकार और व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।”
सोमवार को क्या हुआ था?
सोमवार को नोएडा में चल रहा वेतन वृद्धि को लेकर आंदोलन अचानक हिंसक रूप ले लिया था। हजारों की संख्या में कर्मचारी सड़कों पर उतर आए और कई औद्योगिक क्षेत्रों में स्थिति बेकाबू हो गई। भीड़ और पुलिस के बीच तनाव बढ़ने के बाद कई जगहों पर उपद्रव और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
इस दौरान लगभग 42,000 से ज्यादा कर्मचारी आंदोलन में शामिल हुए और कई फैक्ट्रियों को निशाना बनाया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार 350 से अधिक फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ की गई, जबकि 50 से ज्यादा वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया और 150 से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त हुए। कई इलाकों में घंटों तक यातायात और औद्योगिक गतिविधियां पूरी तरह प्रभावित रहीं।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन का दावा है कि हालात काफी हद तक नियंत्रण में हैं, लेकिन कुछ औद्योगिक क्षेत्रों में तनाव अभी भी बना हुआ है। सुरक्षा बल लगातार गश्त कर रहे हैं और ड्रोन व CCTV के जरिए पूरे इलाके पर नजर रखी जा रही है ताकि स्थिति दोबारा न बिगड़े।






