UP ATS Terror Case: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 2021 में पकड़े गए आतंकी मॉड्यूल पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कोर्ट का बड़ा फैसला आया है। अलकायदा से जुड़े आतंकी मॉड्यूल मामले में NIA की विशेष अदालत ने तीन आतंकियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने हर दोषी पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। यह फैसला एडीजे-3 एवं स्पेशल जज जैनेंद्र पांडेय की अदालत में सुनाया गया।
कौन हैं दोषी?
इस मामले में मिनहाज अहमद, मुसीरुद्दीन उर्फ मुसीर और तौहीद को आतंकी साजिश रचने का दोषी ठहराया गया। कोर्ट ने माना कि तीनों ने सुनियोजित तरीके से देश की सुरक्षा को गंभीर नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई थी और बड़े पैमाने पर तबाही फैलाने की तैयारी कर रहे थे।
2021 में हुआ था खुलासा
यह मामला 11 जुलाई 2021 का है, जब उत्तर प्रदेश एटीएस ने लखनऊ के दुबग्गा इलाके से मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया था। बाद में उसकी निशानदेही पर बाकी आरोपियों को भी पकड़ा गया। जांच के दौरान आरोपियों के पास से भारी मात्रा में विस्फोटक, कुकर बम, पिस्टल और अन्य हथियार बरामद किए गए थे।
क्या थी साजिश?
जांच में सामने आया कि यह मॉड्यूल अलकायदा से जुड़े संगठन अंसार गज़वात-उल-हिंद से जुड़ा था। आरोपी कथित तौर पर अपने हैंडलर के निर्देश पर काम कर रहे थे। उनका मकसद 15 अगस्त से पहले उत्तर प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में सिलसिलेवार बम धमाके करना था।
कुकर बम और मानव बम की तैयारी
एजेंसियों के मुताबिक, आरोपियों ने कुकर बम के जरिए बड़े हमले की योजना बनाई थी। साथ ही मानव बम के इस्तेमाल की भी साजिश थी। वे युवाओं की भर्ती कर आतंकी नेटवर्क को मजबूत करने में जुटे थे।
राम मंदिर फैसले के बाद अस्थिरता फैलाने की कोशिश
जांच में यह भी सामने आया कि राम मंदिर से जुड़े घटनाक्रम के बाद देश में अस्थिरता फैलाने के उद्देश्य से यह साजिश रची जा रही थी।
NIA और ATS की बड़ी कामयाबी
इस पूरे मामले में NIA और यूपी ATS की संयुक्त कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। समय रहते इस खतरनाक साजिश को नाकाम कर दिया गया, जिससे देश में बड़े आतंकी हमले का खतरा टल गया।






