Delhi Robbery Case: राजधानी दिल्ली में दिनदहाड़े हुई 10.65 लाख रुपए की सनसनीखेज लूट के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सराय रोहिल्ला थाना पुलिस ने इस केस का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो आपस में मामा-भांजे हैं। पुलिस ने इनके पास से लूटी गई रकम में से 5.51 लाख रुपए, एक देसी पिस्तौल और वारदात में इस्तेमाल की गई चोरी की बाइक बरामद की है।
पिस्तौल तानकर लूटा कैश से भरा बैग
यह घटना 26 मार्च 2026 की शाम करीब 5:50 बजे की है। अभिषेक प्रजापति, जो बवाना की एक मोजे की फैक्ट्री में काम करता है, चांदनी चौक और शास्त्री नगर से कुल 10.65 लाख रुपए कैश इकट्ठा कर बैग में लेकर जा रहा था।
जैसे ही वह शास्त्री नगर मेट्रो सबवे के पास लोकेशन चेक करने के लिए रुका, तभी बाइक सवार दो बदमाशों ने उस पर पिस्तौल तान दी और पैसों से भरा बैग छीनकर मौके से फरार हो गए।
500 CCTV कैमरों ने खोला लुट का राज
घटना के बाद पुलिस ने तुरंत एक स्पेशल टीम बनाई और जांच शुरू की। इलाके के करीब 500 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई और लगभग 30 किलोमीटर तक बदमाशों के भागने के रास्ते को ट्रैक किया गया।
जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी फर्जी नंबर प्लेट लगी यामाहा बाइक का इस्तेमाल कर रहे थे। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
मामा-भांजे निकले लूट के मास्टरमाइंड
पुलिस ने गाजियाबाद के लोनी इलाके के अंकुर विहार से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान 24 वर्षीय देव मग्गो और उसके मामा 34 वर्षीय रोहित शर्मा के रूप में हुई है।
जांच में खुलासा हुआ कि देव ऑटो चलाता था और उसने ही कैश की आवाजाही पर नजर रखकर पूरी लूट की साजिश रची थी।
7 हजार में खरीदी पिस्तौल, चोरी की बाइक का इस्तेमाल
आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए करीब 15-20 दिन पहले खजुरी खास इलाके से 7,000 रुपए में देसी पिस्तौल खरीदी थी, ताकि लूट के दौरान किसी विरोध को दबाया जा सके।
वहीं, जिस यामाहा FZS बाइक का इस्तेमाल किया गया, वह करीब 6 महीने पहले भजनपुरा इलाके से चोरी की गई थी।
बरामदगी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 5,51,500 रुपए नकद, एक देसी पिस्तौल, जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद की है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बाकी रकम उन्होंने कर्ज चुकाने और घरेलू सामान खरीदने में खर्च कर दी। फिलहाल पुलिस हथियार सप्लायर की तलाश में जुटी है और बाकी रकम बरामद करने की कोशिश जारी है।
सुरक्षा पर उठे सवाल
दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने एक बार फिर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, पुलिस की तेजी और तकनीकी जांच के चलते मामले को सुलझा लिया गया, लेकिन इस घटना ने आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता जरूर बढ़ा दी है।






