अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा है कि उन्हें ईरान का सुप्रीम लीडर बनने का प्रस्ताव मिला था, लेकिन उन्होंने इसे साफ तौर पर ठुकरा दिया।
रिपब्लिकन फंडरेजर इवेंट में बोलते हुए ट्रंप ने कहा-
“इतिहास में शायद ही कोई ऐसा लीडर होगा जिसे ईरान का नेता बनने में इतनी कम दिलचस्पी हो… उन्होंने कहा कि हम आपको अगला सुप्रीम लीडर बनाना चाहते हैं, लेकिन मैंने मना कर दिया।”
“ईरान पर्दे के पीछे बातचीत कर रहा” – ट्रंप
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच बैकचैनल बातचीत जारी है और ईरान युद्धविराम चाहता है, लेकिन घरेलू दबाव के कारण खुलकर सामने नहीं आ पा रहा। उन्होंने कहा-
“वे हमसे समझौता करना चाहते हैं, लेकिन डरते हैं कि अगर उन्होंने यह बात कही तो उनके अपने लोग ही उन्हें मार सकते हैं।”
ईरान का जवाब: “कोई बातचीत नहीं”
ट्रंप के इन दावों को ईरान ने पूरी तरह खारिज कर दिया। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने कहा कि अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत नहीं चल रही और ऐसे दावे केवल राजनीतिक बयानबाजी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह युद्ध दिखाता है कि अमेरिका अपने सहयोगियों की सुरक्षा करने में नाकाम रहा है।
होर्मुज और वैश्विक तेल संकट
होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है। ईरान ने साफ किया है कि यह समुद्री रास्ता दुश्मन देशों के लिए सीमित रहेगा, जबकि भारत, चीन और रूस जैसे “दोस्त देशों” के लिए खुला रखा गया है।
इसी बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 104 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक तेल की कीमतों में 40 प्रतिशत से ज्यादा का उछाल आ चुका है, जिससे वैश्विक बाजार में चिंता और अनिश्चितता बढ़ गई है।
ईरान ने बाब अल-मंदेब स्ट्रेट पर हमले की चेतावनी दी
बाब अल-मंदेब स्ट्रेट (Bab-el-Mandeb Strait) को लेकर Iran ने चेतावनी दी है कि यदि हमले और तेज होते हैं, तो इस अहम समुद्री मार्ग को भी बंद किया जा सकता है।
यह रास्ता वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि दुनिया के करीब 12 प्रतिशत समुद्री तेल की सप्लाई इसी मार्ग से होकर गुजरती है। ऐसे में यदि यहां रुकावट आती है, तो इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, तेल आपूर्ति और सप्लाई चेन पर पड़ेगा, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।
इजराइल का दावा: IRGC कमांडर ढेर
इजराइल (Israel) ने दावा किया है कि उसने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (Islamic Revolutionary Guard Corps- IRGC) के नेवी कमांडर अलीरेजा तंगसिरी (Alireza Tangsiri) को एक सैन्य कार्रवाई में मार गिराया है।
हालांकि, ईरान की ओर से अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, जिससे स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है।
ट्रंप की लोकप्रियता पर असर
रॉयटर्स के सर्वे के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता में गिरावट दर्ज की गई है। मौजूदा समय में उनकी अप्रूवल रेटिंग करीब 36 प्रतिशत है, जो पहले लगभग 40 प्रतिशत थी।
विशेषज्ञों के अनुसार इस गिरावट की प्रमुख वजह ईरान के साथ बढ़ता तनाव और अमेरिका में तेल व गैस की बढ़ती कीमतें हैं, जिसने आम लोगों पर आर्थिक दबाव बढ़ाया है।
बता दें कि मिडिल ईस्ट में जारी टकराव अब सिर्फ सैन्य नहीं, बल्कि राजनीतिक नैरेटिव की जंग बन चुका है। एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप अपने बयानों से वैश्विक दबदबा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ Iran इसे “प्रोपेगेंडा” बताकर खारिज कर रहा है।
अगर होर्मुज स्ट्रेट और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट जैसे रणनीतिक रास्तों पर तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया, खासकर भारत जैसी उभरती “लायन” इकोनॉमी पर भी सीधा पड़ेगा।






