Iran-US Tension: रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान ने अमेरिका को सीधी चेतावनी दी है। ईरान के वरिष्ठ नेता मोहसिन रेजाई ने कहा कि अगर टकराव बढ़ा तो होर्मुज स्ट्रेट अमेरिकी सेना के लिए “कब्रगाह” साबित होगा। उन्होंने अमेरिका को “समुद्री लुटेरा” बताते हुए कहा कि उसके युद्धपोत और सैनिक सुरक्षित नहीं रहेंगे।
F-15E का जिक्र, बढ़ा सैन्य तनाव
रजाई ने अपने बयान में अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल का जिक्र करते हुए दावा किया कि जैसे उस फाइटर जेट का अंजाम हुआ, वैसे ही अमेरिकी जहाजों का भी हो सकता है। हालांकि ऐसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि स्पष्ट नहीं है, लेकिन इस बयान को क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
अमेरिका का पलटवार, ट्रंप सख्त
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि अगर ईरान ने कोई “गलती” की, तो अमेरिका दोबारा सैन्य कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने कहा कि फिलहाल अमेरिका मजबूत स्थिति में है, जबकि तेहरान दबाव में है और समझौते के विकल्प तलाश रहा है।
14-पॉइंट प्रस्ताव से कूटनीति की कोशिश
तनाव के बीच बातचीत के संकेत भी सामने आए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने पाकिस्तान की मध्यस्थता में 14-पॉइंट प्रस्ताव अमेरिका को भेजा है। यह प्रस्ताव कथित तौर पर अमेरिकी 9-पॉइंट प्लान के जवाब में तैयार किया गया है।
इस प्रस्ताव में 30 दिनों के भीतर विवाद सुलझाने, भविष्य में हमलों के खिलाफ गारंटी, क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की वापसी, प्रतिबंध हटाने और फ्रीज किए गए ईरानी एसेट्स को रिलीज करने की मांग शामिल है। इसके अलावा युद्ध मुआवजे और क्षेत्रीय संघर्ष खत्म करने जैसे मुद्दे भी इसमें जोड़े गए हैं।
क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग माना जाता है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य टकराव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।






