I-PAC Red Controversy: सुप्रीम कोर्ट बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें Mamata Banerjee पर कोलकाता में आई-पैक दफ्तर और सह-संस्थापक प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी के दौरान दखल देने का आरोप लगाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एन. वी. अंजारिया शामिल हैं, इस मामले की सुनवाई करेगी। पिछली सुनवाई में ED ने अदालत से कहा था कि पश्चिम बंगाल में उसके अधिकारियों को “आतंकित” किया गया।
ED की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस. वी. राजू ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एजेंसी का “हथियार के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया गया, बल्कि उसे ही डराया गया।”
वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने हलफनामे में सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि वह सिर्फ अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) का संवेदनशील और गोपनीय डेटा वापस लेने के लिए सीमित समय के लिए वहां पहुंची थीं।
सीएम के मुताबिक, ईडी अधिकारियों ने उनके अनुरोध पर कुछ डिवाइस और फाइलें लेने की अनुमति भी दी थी और तलाशी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से जारी रही।
ED ने सुप्रीम कोर्ट से ममता बनर्जी, राज्य के DGP और कोलकाता पुलिस कमिश्नर के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश देने की मांग की है। वहीं, बनर्जी ने एजेंसी पर राजनीतिक दुर्भावना से कार्रवाई करने और 2026 विधानसभा चुनावों से ठीक पहले छापेमारी का समय चुनने का आरोप लगाया है।
मामले में अगली सुनवाई आज (18 मार्च) तय है, जहां दोनों पक्ष अपनी दलीलें पूरी करेंगे।







