Iran Missile Attack: पश्चिम एशिया में तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान के दो शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों अली लारीजानी और गुलाम रजा सुलेमानी की इजरायली हमले में मौत के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। इन हमलों के बाद ईरान ने जबरदस्त जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और कई खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला कर दिया।
इजरायल में धमाके, खाड़ी देशों में अलर्ट
ईरान के हमलों के बाद तेल अवीव के आसपास कई जोरदार धमाके हुए। रामत गान इलाके में कम से कम 2 लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। खाड़ी देशों ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम के जरिए कई मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया। दुबई में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे पूरे क्षेत्र में डर का माहौल है।
होर्मुज स्ट्रेट बना टकराव का केंद्र
ईरान ने साफ कर दिया है कि वह होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी पकड़ नहीं छोड़ेगा। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने कुछ जहाजों को भी निशाना बनाया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिला है।
अमेरिका ने मांगी मदद
इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने NATO और अन्य देशों से इस अहम जलमार्ग की सुरक्षा के लिए सहयोग मांगा है। हालांकि अभी तक बड़े स्तर पर सैन्य समर्थन की पुष्टि नहीं हुई है। जंग में 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत की भी खबर सामने आई है।
न्यूक्लियर प्लांट पर हमला, IAEA की चेतावनी
International Atomic Energy Agency (IAEA) के अनुसार बुशेहर न्यूक्लियर पावर प्लांट पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। IAEA प्रमुख राफेल मारियानो ग्रॉसी ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
भारी जानमाल का नुकसान
जारी संघर्ष में अब तक भारी नुकसान हुआ है। इजरायल के मुताबिक, ईरान के हमलों में 14 लोगों की मौत और 2300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। वहीं ईरानी रेड क्रिसेंट के अनुसार 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष में ईरान में 1300 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
बढ़ता खतरा
मिडिल ईस्ट में यह टकराव अब बड़े युद्ध का रूप ले सकता है। तेल सप्लाई, वैश्विक अर्थव्यवस्था और परमाणु सुरक्षा को लेकर दुनिया भर में चिंता बढ़ती जा रही है। आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।








