Iran War Update: ईरान ने मौजूदा युद्ध को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि वह पीछे हटने वाला नहीं है। ईरान का कहना है कि जब तक उसे युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा नहीं मिलता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
ईरानी सुप्रीम लीडर के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार मोहसिन रजेई (Mohsin Rezaei) ने कहा कि ईरान की शर्तें स्पष्ट हैं। सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं और अमेरिका यह गारंटी दे कि वह भविष्य में किसी भी तरह की दखलंदाजी नहीं करेगा।
रजेई ने बताया कि ईरानी सेना पूरी ताकत से ऑपरेशन चला रही है और नया नेतृत्व स्थिति को मजबूती से संभाल रहा है। इससे पहले संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ भी कह चुके हैं कि देश की जनता हमलावरों को कड़ी सजा देने की मांग कर रही है।
रजेई बोले—एक हफ्ते में खत्म हो सकता था युद्ध
मोहसिन रजेई के मुताबिक यह युद्ध एक हफ्ते में खत्म हो सकता था, लेकिन इजराइल की वजह से यह लंबा खिंच गया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका सीजफायर के लिए तैयार था, लेकिन इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमले जारी रखने पर जोर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध के 15वें दिन के बाद अमेरिका को समझ आ गया था कि इस संघर्ष में जीत का कोई रास्ता नहीं है।
इजराइल में गिरी ईरानी मिसाइल, बड़ा नुकसान टला
इजराइल पर हुए ताजा ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमले में कोई हताहत नहीं हुआ। मिसाइल खुले इलाके में गिरी, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
हमले के दौरान तेल अवीव, पेटाह टिक्वा और आसपास के इलाकों में सायरन बजाए गए। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। बाद में इजराइल की होम फ्रंट कमांड ने खतरा टलने की पुष्टि की।
ट्रम्प बोले—रक्षा मंत्री कार्रवाई के पक्ष में सबसे आगे
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने कहा कि उनके रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के सबसे बड़े समर्थक थे। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना जरूरी है।
हालांकि, ट्रम्प ने माना कि सरकार के भीतर इस मुद्दे पर मतभेद थे। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) इस फैसले से पूरी तरह सहमत नहीं थे, जबकि कुछ अधिकारियों ने युद्ध का समर्थन और कुछ ने विरोध किया।
पेंटागन ने मीडिया ऑफिस बंद किया
पेंटागन ने अपने परिसर में स्थित मीडिया ऑफिस बंद करने का फैसला लिया है। यह कदम अदालत द्वारा ट्रम्प प्रशासन के प्रेस क्रेडेंशियल नियमों को रद्द किए जाने के बाद उठाया गया।
अब मीडिया कर्मियों को परिसर में सीमित पहुंच दी जाएगी और उन्हें अधिकारियों की निगरानी में रहना होगा।
दक्षिण कोरिया ने जताई चिंता
दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून (Cho Hyun) ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) से बातचीत कर युद्ध और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर को लेकर चिंता जताई।
उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव कम करने और वहां फंसे जहाजों व उनके चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
फिलहाल ईरान की कड़ी शर्तों और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच यह संघर्ष फिलहाल खत्म होता नहीं दिख रहा। आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।






