White House JD Vance: ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर के बाद भी बातचीत की कोशिशें लगातार जारी हैं, लेकिन अब तक किसी ठोस नतीजे पर पहुंचने के संकेत नहीं मिल रहे हैं। इससे पहले इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच शांति वार्ता हो चुकी है, जो पूरी तरह बेनतीजा रही थी। इसी बीच एक बार फिर दावा किया गया कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद पहुंच गए हैं, लेकिन यह जानकारी गलत साबित हुई है।
AP रिपोर्ट ने किया दावा खारिज
एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के अनुसार, जेडी वेंस पाकिस्तान में नहीं हैं। वे न तो किसी आधिकारिक दौरे पर इस्लामाबाद पहुंचे हैं और न ही वहां की यात्रा पर निकले हैं। वास्तविक स्थिति यह है कि वे इस समय अमेरिका के व्हाइट हाउस में ही मौजूद हैं और वहीं से अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
ट्रंप ने की थी पाकिस्तान में वार्ता की बात
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trum) ने रविवार को दावा किया था कि अमेरिकी वार्ताकार सोमवार को ईरान के साथ बातचीत के एक नए दौर के लिए पाकिस्तान में होंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि युद्ध समाप्त करने के किसी बड़े समझौते की उम्मीद फिलहाल कमजोर है।

सोमवार को ब्लूमबर्ग से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि सीजफायर को आगे बढ़ाने की संभावना बहुत कम है, जिससे स्थिति को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई।
न्यूयॉर्क पोस्ट के दावे और सच्चाई
ट्रंप ने ‘द न्यूयॉर्क पोस्ट’ को दिए बयान में कहा था कि जेडी वेंस पाकिस्तान की ओर जा रहे हैं। इसके बाद यह खबर तेजी से फैली, लेकिन अब यह पूरी तरह गलत साबित हो चुकी है। जेडी वेंस का काफिला सोमवार को अमेरिकी समयानुसार करीब 11 बजे व्हाइट हाउस पहुंचा, जिससे साफ हो गया कि वे किसी विदेश यात्रा पर नहीं गए थे।
इजरायल-लेबनान वार्ता और क्षेत्रीय तनाव
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस सप्ताह इजरायल-लेबनान वार्ता का एक और दौर आयोजित किया जाएगा। यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब इजरायल-हिज्बुल्लाह संघर्ष और ईरान से जुड़े तनाव को लेकर स्थिति लगातार अस्थिर बनी हुई है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव
तनाव के बीच अमेरिका ने पिछले रविवार को ईरान के झंडे वाले एक मालवाहक जहाज को जब्त कर लिया था। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि जहाज होर्मुज स्ट्रेट के पास उनकी निगरानी से बचने की कोशिश कर रहा था। यह कदम उस समय उठाया गया जब ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी पहले से लागू थी।
इसके जवाब में ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिससे पहले से चल रहा नाजुक सीजफायर और अधिक खतरे में आ गया है।
पहली बातचीत भी रही थी असफल
12 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच लगभग 21 घंटे लंबी बातचीत हुई थी, लेकिन वह भी बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया।
बता दें कि जेडी वेंस के पाकिस्तान पहुंचने की खबरें पूरी तरह गलत साबित हुई हैं। वह इस समय व्हाइट हाउस में ही मौजूद हैं। वहीं ईरान और अमेरिका के बीच जारी कूटनीतिक प्रयास अभी भी अस्थिर हैं और किसी ठोस समाधान की दिशा में आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।






