NEET Paper Leak 2026: NEET (UG) 2026 पेपर लीक मामले में CBI ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पुणे के केमेस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का दावा है कि कुलकर्णी ही पूरे पेपर लीक रैकेट का मास्टरमाइंड है। आरोप है कि उसने परीक्षा से पहले छात्रों को सवाल और उनके सही जवाब उपलब्ध कराए थे।
पीवी कुलकर्णी लातूर का रहने वाला बताया जा रहा है और लंबे समय तक NEET पेपर तैयार करने वाले पैनल का हिस्सा रह चुका है। CBI के मुताबिक उसे परीक्षा के प्रश्नपत्र तक सीधी पहुंच थी। वह पुणे स्थित अपने घर से कोचिंग क्लास चलाता था, जहां चुनिंदा छात्रों को पहले से संभावित सवाल और उनके उत्तर बताए जाते थे।
जांच में सामने आया है कि अप्रैल के आखिरी सप्ताह में आरोपी मनीषा वाघमारे की मदद से कई छात्रों तक लीक पेपर पहुंचाया गया। एजेंसी का कहना है कि 3 मई को हुई परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र बांटा जा चुका था।
टेलीग्राम ग्रुप पर 1 मई को शेयर हुआ था पेपर
CBI जांच में यह भी सामने आया है कि NEET 2026 का पेपर 1 मई की रात को एक टेलीग्राम ग्रुप “प्राइवेट माफिया” पर अपलोड किया गया था। ग्रुप में करीब 402 सदस्य जुड़े हुए थे और यह पासवर्ड से लॉक था।
ग्रुप एडमिन ने पेपर अपलोड करने से पहले मैसेज किया था कि “फुल पेपर जल्द अपलोड किया जाएगा” और उसका पासवर्ड भी साझा किया गया। रात करीब 11:38 बजे PDF फाइल शेयर की गई, जिसके बाद लिखा गया कि “99.99 प्रतिशत यही पेपर एग्जाम में आएगा।”
लीक पेपर और असली पेपर में मिले कई सवाल
जांच में लीक बताए जा रहे पेपर और असली NEET प्रश्नपत्र के कई सवाल हूबहू एक जैसे पाए गए हैं। फिजिक्स के वेलोसिटी-टाइम वाले सवाल से लेकर प्रिज्म और इलेक्ट्रिक सर्किट से जुड़े प्रश्न तक समान बताए जा रहे हैं। सवालों के नंबर, डायग्राम और चारों ऑप्शन तक मैच होने की बात सामने आई है।
हालांकि, लीक पेपर को लेकर वायरल सामग्री की स्वतंत्र पुष्टि अभी आधिकारिक रूप से नहीं हुई है।
अब तक 8 गिरफ्तारियां
CBI इस मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें नासिक, जयपुर और गुरुग्राम से पकड़े गए आरोपी शामिल हैं। गुरुवार को पांच आरोपियों को विशेष CBI अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 7 दिन की कस्टडी में भेज दिया।
स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नीतू सिंह ने अदालत में कहा कि यह देशव्यापी साजिश है और जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रैकेट की पहुंच कितनी दूर तक है और इसमें कितने सरकारी कर्मचारी तथा प्रिंटिंग प्रेस से जुड़े लोग शामिल हैं।
पेपर लीक से दुखी छात्रों की आत्महत्या
इसी बीच पेपर लीक विवाद से तनाव में आए छात्रों के आत्महत्या करने की खबरें भी सामने आई हैं। दिल्ली की 20 वर्षीय छात्रा, उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के 21 वर्षीय युवक और गोवा के 17 वर्षीय छात्र ने कथित तौर पर फांसी लगाकर जान दे दी। इन घटनाओं ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और छात्रों के मानसिक दबाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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